बड़ी खबर: शिक्षकों की सेवा शर्त पर लग गई कैबिनेट की मुहर

बिहार के शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग आज बिहार कैबिनेट की बैठक में सेवा शर्त पर मुहर लगने के साथ पूरी होती दिख रही है. सरकार ने शिक्षकों की अधिकांश मांगों को मान लिया है. हालांकि आर्थिक मामलों को लेकर शिक्षकों की नाराजगी सरकार को झेलनी पड़ सकती है. सरकार ने शिक्षकों के आगे से नियोजित शब्द को विलोपित कर दिया है. नई नियमावली में नियोजित शब्द का कहीं प्रयोग नहीं होगा. इसके साथ ही शिक्षकों को 15 फ़ीसदी वेतन वृद्धि का लाभ देने की घोषणा की गई है जो 1 अप्रैल 2021 से लागू होगी. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इससे पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर शिक्षकों का वेतन देने की घोषणा की थी और शिक्षकों को पंचायती राज व्यवस्था से अलग करने का ऐलान भी मुख्यमंत्री ने पहले किया था. लेकिन इन दोनों मामलों में सरकार पीछे हटते नजर आई है. इसे लेकर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है और कहा है कि हम शिक्षक ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.

RK Mahajan

सेवा शर्त की खास बातें




# सेवा काल में एक बार अंतर जिला ट्रांसफर की सुविधा

# दूसरे नियोजन इकाई या वर्तमान नियोजन इकाई में उच्च वेतनमान या उच्च कोटि के पद पर नियोजन होने की स्थिति में सेवा निरंतरता का लाभ मिलेगा

# मातृत्व अवकाश को 135 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन के लिए कर दिया गया है जो प्रथम दो संतानों के लिए मान्य होगा

# पितृत्व अवकाश की सुविधा भी अब शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्षों को मिलेगी जो 15 दिनों के लिए होगी और यह पहली दो संस्थानों के लिए मान्य होगी

# शिक्षकों को अध्ययन अवकाश मिलेगा जो वर्तमान में 7 साल की सेवा के बाद अधिकतम 3 साल के लिए अवैतनिक है उसे अब योगदान के 3 साल की न्यूनतम सेवा के बाद दिया जाएगा

# शिक्षकों को अब 2 साल की सेवा के बाद हर साल 11 दिनों का अर्जित अवकाश भी मिलेगा जो अधिकतम 120 दिनों का संचित होगा.

# सेवाकाल में मृत्यु होने पर शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों के परिजन को अनुकंपा पर नौकरी मिलेगी

# जहां तक प्रोन्नति का सवाल है तो उच्च माध्यमिक शिक्षक के 50% पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे जबकि बाकी 50 फ़ीसदी पदों को माध्यमिक शिक्षक जो अपेक्षित योग्यता और कालावधी पूरी करते हैं उन्हें दिया जाएगा. जबकि प्रधानाध्यापक के वेतनमान का निर्धारण वित्त विभाग की सहमति से करते हुए प्रधानाध्यापक का पद सृजित करते हुए इस पर माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को प्रोन्नति दी जाएगी. प्रारंभिक शिक्षकों के मामले में देसी ग्रेड में 50 फ़ीसदी पदों पर प्रोन्नति का प्रावधान और वेतनमान दोनों निर्धारित है स्नातक ग्रेड की प्रधान पद पर प्रोन्नति के प्रावधान हैं लेकिन प्रधानाध्यापक का वेतनमान निर्धारित नहीं है इसे वित्त विभाग से विस्तृत दिशा निर्देश मिलने के बाद अलग से जारी किया जाएगा.

# शिक्षकों को 15 फ़ीसदी वेतन वृद्धि का लाभ 1 अप्रैल 2021 से मिलेगा.

# ईपीएफ की सुविधा मिलेगी जिसमें 12-12 फीसदी का अंशदान होगा. 12 फीसदी सरकार अपने हिस्से से देगी.

राजेश तिवारी