सिने डांसर्स की बालिकाओं के लिए मुफ्त शिक्षा लागू करेंगी सरोज खान

मुंबई (पटना नाउ ब्यूरो) | भारत की पहली महिला कोरियोग्राफर सरोज खान को सिने डांसर्स एसोसिएशन ने अपना ब्रांड एंबेसडर घोषित कर सम्मानित किया. इस दौरान सिने डांसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीलेश पराड़कर, अध्यक्ष जाहिद शेख, महासचिव रवि कंवर, उपाध्यक्ष अल फहीम सुर्ने (राज) और एसोसिएशन की प्रबंध समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे. सिने डांसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ज़ाहिद शेख ने कहा, “उन्होंने (सरोज खान) ने अपने जीवन के 50 से अधिक वर्ष इस पेशे को दिए हैं. और अब हमारा वक़्त है उन्हें सम्मानित करने का और उनहे वह स्थान देना है जिसकी वह सबसे बड़ी हकदार है.”

70 वर्षीय डांसर से कोरियोग्राफर बनी सरोज खान अपनी किशोरावस्था में इस करियर में पदार्पण किया था, सीडीए के इस फैसले से अभिभूत होकर उन्होंने कहा, “मैं अभी भी एक ग्रुप डांसर हूं और मेरे पास अभी भी मेरा सीडीए कार्ड है और एक ब्रांड एंबेसडर के रूप में मैं चाहती हूं कि यह फिल्म उद्योग का सबसे बड़ा संघ बने. जब मैं १० साल की थी तब मैंने फिल्मों में नृत्य करना शुरू कर दिया था और अब मैं फिर से अपने घर वापस लौट आ गई हूं. इस समय, मैं उन सभी सुविधाओं को प्रदान कराना चाहती हूँ जो हमारे समय में उपलब्ध नहीं थीं. मैं अच्छे कार्य करने और उन्हें सही दिशा देने का वादा करती हूं. और फिल्म में, नर्तकियों को वह सम्मान मिलेगा, जिसके वे हकदार हैं.”
सरोज खान की राय यह भी है कि वरिष्ठों के लिए धन जुटाने के लिए स्टेज शो आयोजित किए जाने चाहिए ताकि धन का उपयोग उन लोगों के लिए पेंशन के रूप में किया जा सके जो सेवानिवृत्त जीवन जी रहे हैं और जीवित रहने के लिए धन की जरूरत है.” वरिष्ठ कोरियोग्राफर का यह भी सुझाव है कि एक निश्चित राशि को डांसर्स से कटवाने की जरूरत है जो पेंशन फंड में जाना चाहिए. साथ ही, संघ सदस्यों की कन्या शिक्षा के लिए शुल्क की जिम्मेदारी लेने के लिए उत्सुक है.
सरोज खान डांसर्स बनने के इच्छुक लड़कियों और लड़कों को भी मंजूरी देगा. उन्होंने कहा, “जो कोई भी भारतीय और पश्चिमी दोनों करने में सक्षम है, वह एक पेशेवर डांसर हो सकता है और संघ में उनका स्वागत किया जाएगा. मैं किसी विशेष डांस फॉर्म को न जानने के किसी भी बहाने को बर्दाश्त नहीं करुँगी. ” 70 वर्ष की आयु में सरोज अभी भी छात्रों और न्यूकमर्स को नृत्य सिखा रही हैं, और उनके पास वरिष्ठों को सलाह है, बैठो नहीं, नृत्य करो और रिहर्सल करो, और अपने आप को फिट रखो; काम आपके पास जरूर आएगा.”




सिने डांसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीलेश पराड़कर ने कहा, “सीडीए एक कमजोर एसोसिएशन बन गया है. हम इसे एक मजबूत और बेहतर संघ बनाने के लिए एक साथ आ रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भुगतान उन्हें समय पर दिया जाए और उनके लिए योग्य राशि का भुगतान किया जाए. वरिष्ठ सदस्यों को वित्तीय मदद मिलती है और मैं चाहता हूं कि सीडीए बढ़े और हम जो भी आवश्यक हो वह करेंगे और उनका समर्थन करना जारी रखेंगे.”