रेहल गांव को कभी नही भूलेंगे – नीतीश

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार 06 अप्रैल को रोहतास जिले के नौहट्टा प्रखंड स्थित रेहल गाँव का भ्रमण कर सात निश्चय एवं अन्य सरकारी योजनाओं के तहत चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया. रेहल गाँव पहुँचकर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले स्वच्छता दीप जलाया. उसके पश्चात पीपरडीह पंचायत के रेहल गाँव में 10-10 के0वी0ए0 के लगे सौर विद्युतीकरण का मुआयना किया. हरिहर यादव के घर जाकर मुख्यमंत्री ने हर घर नल का जल, बिजली, शौचालय जैसी सात निश्चय योजना के तहत मुहैया कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली. जीविका और स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाये गये स्टॉल का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया. पेयजल निश्चय योजना के माध्यम से शुरू की गयी रेहल ग्रामीण जलापूर्ति योजना का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर पूरी जानकारी ली. गाँव के चौपाल पर लगाए गए स्वच्छता सत्याग्रह उत्सव के माध्यम से सामूहिक रूप से रघुपति राघव राजा राम का गान कर रहे स्कूली बच्चों से मुख्यमंत्री ने बातचीत की तथा स्वच्छता के संबंध में जानकारी ली. गाँव भ्रमण के क्रम में सूखे पत्ते और गोबर का इस्तेमाल कर तैयार किये जा रहे ड्राय लीफ कम्पोस्ट और जैविक कीटनाशी का मुख्यमंत्री ने मुआयना किया. मुख्यमंत्री ने प्राथमिक राजकीय विद्यालय रेहल का निरीक्षण कर विद्यालय प्रांगण के समक्ष वृक्षारोपण किया. वर्ष 2000 में रेहल गाँव के समीप पहाड़ पर दिवंगत हुए डी0एफ0ओ0 संजय सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. सोलर कुकर के माध्यम से विद्यालय के बच्चों के लिए तैयार होने वाले मध्याह्न भोजन के विषय में मुख्यमंत्री ने जानकारी ली. जीविका दीदीयों ने भी मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया. इस अवसर पर रेहल गाँव में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को स्थानीय नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने माला, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया.
जिलाधिकारी अनिमेश कुमार पराशर ने मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया. चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमने रेहल गाँव का भ्रमण किया है, यहाँ आकर मुझे काफी प्रसन्नता हो रही है. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के क्रम में मुझे यहाँ आने की काफी इच्छा थी और कार्यक्रम भी तय हुआ था लेकिन मौसम प्रतिकूल होने के कारण उस समय वे यहॉ नहीं आ सके, जिसका उन्हें अफसोस था. अप्रैल के प्रथम सप्ताह में यहाँ आने का समय निर्धारित किया गया और आज मन की इच्छा पूरी हुई. उन्होंने कहा कि आज यहाँ जितने लोग उपस्थित हुए हैं, वे उनका हृदय से अभिनंदन करते है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों ने चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए रेहल गाँव में बिजली, पेयजल, शौचालय और रास्तों का निर्माण आदि कराया. वे इसके लिए सभी विभागों को धन्यवाद देते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मुंडेश्वरी धाम आने का कई बार मौका मिला. रोहतास गढ़ जाने पर पता चला कि पहले वहाँ कोई मुख्यमंत्री नहीं आयें हैं. उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर से आने-जाने के क्रम में इस पहाड़ी को देखने का मौका मिला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति से उनका बहुत लगाव है, वैसे कुदरत से तो सभी को लगाव होता है. उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा जो सूर्य की शक्ति है. उसके माध्यम से सभी को बिजली उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने कहा कि पहले ढिबरी (दिया) जलाते थे मगर अब बिजली का अनुभव होगा, यह कोई मामूली बात नही है. पेड़-पौधे, पृथ्वी आदि सभी सूर्य पर ही टिकी हुई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि घर के अंदर जाकर वे सभी काम आज देखे हैं, जिसे देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई. उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली आयी है लेकिन बरसात के दिनों में बादल छाए रहने के कारण बिजली की कमी हो सकती है. उन्होंने कहा कि ग्रिड के माध्यम से बिजली पहुंचाने के संदर्भ में वन विभाग और ऊर्जा विभाग में सहमति हो गई है ताकि हमेशा बिजली मिलती रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बिजली का अनुभव हो जाय तो बिजली मिलती रहनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बिजली आने से कई सुविधाएं बढ़ जाएगी. यहाँ स्कूलों में मिड डे मील तैयार करने के लिए सौर चूल्हे का इस्तेमाल किया जा रहा है. हम इस प्रकार का चूल्हा पहले कभी नहीं देखे थे. उन्होंने कहा कि वे रेहल गांव को कभी नही भूलेंगे, जहाँ वे पहली बार सौर ऊर्जा चालित चूल्हा देखें हैं. रोहतास और कैमूर की तरफ से सड़क निर्माण का काम हो जायेगा क्योंकि इसकी स्वीकृति दी जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि वनों की रक्षा होनी चाहिए क्योंकि पेड़-पौधे रहेंगे, तभी सबका जीवन भी बेहतर होगा. अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी पेड़ काटने वाले लोग नहीं हैं, वनों से जुड़े व्यवसाय में इन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए.
वन विभाग के अधिकारियों से उन्होंने कहा कि इसके लिए कमिटी बनानी हो या जो भी काम पूरा करना है कीजिये. उन्होंने कहा कि इस पहाड़ी इलाके की आबादी 30 हजार है और सभी की जरूरतों को पूरा करना हमारा दायित्व है. यहां आकर हम सब कुछ समझ लिए हैं और जरूरतों की पूर्ति जल्द से जल्द की जाएगी. उन्होंने कहाँ कि बिहार में अब तक 8 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है और लक्ष्य 10 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन करना है. इससे महिलाओं में चेतना आती है, समझ और ताकत बढ़ती है, समाज मे परिवर्तन आता है, इससे परिवारों की आमदनी बढ़ी है और महिलाओं में आत्मविश्वास का भाव बढ़ा है. जीविका समूह से जुड़ने वाली महिलायें वह चाहे छोटी हो या बड़ी हमलोग दीदी कहते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समूह में 11 से 15 महिलाएं होती हैं. इस प्रकार 10 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन होने से एक से डेढ़ करोड़ परिवार जीविका समूह से जुड़ जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू करके समाज सुधार की बुनियाद रखी गयी है. बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी सशक्त अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 21 साल से कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की शादी नहीं होनी चाहिए. इससे स्वास्थ्य पर बूरा प्रभाव पड़ता है. महिलाओं के कम उम्र में गर्भधारण करने से बच्चे कई प्रकार की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं.
उन्होंने कहा कि बेटा हो या बेटी सबकी देखभाल और बीमार पड़ने पर इलाज समान भाव से होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां जो भी मांगें रखी गयी हैं, उन सभी पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आप सबों से मिलकर बेहद खुशी हुई है. सवालिया लहजे में मुख्यमंत्री ने कहा कि डी0एफ0ओ0 संजय सिंह की हत्या कर दी गयी, उनका क्या कसूर था ? उन्होंने कहा कि गोली चलाकर या हिंसा से गरीबों का भला नहीं होगा. गरीबों का भला काम करके होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आरक्षण लागू किया गया. महिलाओं को पंचायत और नगर निकाय के साथ ही प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति में 50 प्रतिशत आरक्षण, पुलिस बहाली में 35 प्रतिशत और अब तो सभी प्रकार की नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान महिलाओं के लिए किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रेम, शांति, सद्भाव से ही सबका भला होगा, हिंसा से नहीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत लोग निरर्थक बातें करके समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश में जुटे रहते हैं लेकिन शांति और सद्भाव के जरिये ही तरक्की की ऊॅचाइयों पर पहुँचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि रोहतास गढ़ का किला और माँ मुंडेश्वरी को रोप-वे से जोड़ने का निर्णय लिया जा चुका है.
चौपाल कार्यक्रम को विधायक ललन पासवान ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर कृषि मंत्री सह रोहतास जिले के प्रभारी मंत्री प्रेम कुमार, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधायक वशिष्ठ सिंह, पूर्व विधायक श्याम बिहारी राम, जदयू जिलाध्यक्ष नागेंद्र, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक के0एस0 द्विवेदी, प्रधान सचिव पर्यावरण एवं वन त्रिपुरारी शरण, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष वर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जिलाधकारी अनिमेष कुमार पराशर, पुलिस अधीक्षक सहित कई वरीय अधिकारीगण एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे.