चारों ओर सागर और बीचोबीच होगी विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति

पीएम मोदी ने किया शिवाजी मेमोरियल स्मारक का शिलान्यास
समुद्र के बीचोबीच होगा विश्व का सबसे ऊंचा स्टैचू
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में घूमने का एक और बहाना जल्द ही सामने आने वाला है. ये जगह शहर की भीड़भाड़ से भी खासी दूर होगी और यहां पहुंचना भी इतना आसान नहीं होगा. हम बात कर रहे हैं शिवाजी मेमोरियल की, जिसके लिए शनिवार को पीएम मोदी ने भूमिपूजन(जलपूजन)/शिलान्यास किया. मुंबई तट से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर समुद्र के बीचोबीच इस जगह पर 3600 करोड़ की लागत से क्षत्रपति शिवाजी की मूर्ति लगेगी. इस मूर्ति को विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति बताया जा रहा है. ये गुजरात में लगने वाली सरदार पटेल की मूर्ति से भी ज्यादा ऊंची होगी. पीएम नरेन्द्र मोदी होवरक्राफ्ट के जरिए अरब सागर में मूर्ति निर्माण की जगह पहुंचे. उनके साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और राज्यपाल विद्यासागर राव भी थे.
शिवाजी मेमोरियल की विशेषताएं-
  •  शिवाजी की मूर्ति 192 मीटर ऊंची(सरदार पटेल की मूर्ति से 10 मीटर ज्यादा) होगी.
  • मुंबई तट से करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी पर बीच समुंद्र में बनेगा
  • इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 3600 करोड़ रूपए होगी
  • करीब 32 एकड़ में बनने वाले इस मेमोरियल में एक साथ हजारों लोग घूम सकेंगे