“पेट्रोल डीजल पर मची है लूट, सरकार लूट रही झूठी वाहवाही”

पेट्रोल-डीजल पर जो टैक्स घटाया गया है, वह अपर्याप्त है. कीमत 75 से ऊपर नहीं होना चाहिए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी एक लीटर पेट्रोल पर 57.24 रुपये और डीजल पर 45.57 रुपये टैक्स वसूला जा है, इसमें केंद्र और राज्य दोनों का टैक्स शामिल है. केंद्र को एक्साइज ड्यूटी से 300 प्रतिशत कमाई हो रही है. इसमें से 5 से 10 रुपया घटाना ऊंट के मुंह मे जीरा के बराबर है.


बिहार में तो और लूट है. बिहार में पेट्रोलियम पर 19 प्रतिशत वैट है. झारखंड में 22 फीसदी है. फिर भी झारखंड में बिहार से पेट्रोल की कीमत 75 पैसे कम है. यूपी का आंकड़ा तो और हैरान करनेवाला है. वहां 17.48 रुपये वैट है. यानी बिहार से 1.52 प्रतिशत कम. लेकिन पेट्रोल की कीमत बिहार से 9 रुपये प्रति लीटर कम है.




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पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन राज्य सरकार से लगातार टैक्स का डिटेल मांग रही है, लेकिन उसे नहीं दिया जा रहा क्योंकि इससे सरकार की पोल खुल जाएगी.
केंद्र ने अगले साल होनेवाले विधानसभा चुनावों के मद्दे नजर एक्साइज ड्यूटी कम की है. यह हमें समझना चाहिए. यह आंखों में धूल झोंकने जैसा है. मोदी सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं थी. सरकारी सेवकों का वेतन बढ़ाकर महंगाई की भरपाई की जा रही है. लेकिन प्राइवेट सेक्टर और छोटे मोटे रोजगार करनेवालों की तो जान सांसत में है.
सरकारों को इसपर सहानुभूतिपूर्वक सोचना चाहिए और जनता को राहत देने के ठोस उपाय करने चाहिए.

साभार: प्रवीण बागी ,वरिष्ठ पत्रकार