सहयोग हॉस्पिटल की लापरवाही से प्रसव के बाद पीड़िता की मौत

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल, सहयोग अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मृत्यु हो गई. मरीज की मौत पर परिजनों ने ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया तथा स्थानीय सड़क जाम कर दी. घटनास्थल पर पहुंची थाना पुलिस ने लोगों को समझाया, तब जाकर हालात पर काबू पाया जा सका.बैंककर्मी व महेशनगर निवासी प्रशांत कुमार सिन्हा की पत्‍‌नी स्निग्धा को सोमवार को सहयोग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में स्निग्धा का इलाज डॉ. स्वर्णलता कर रही थीं. गुरुवार को स्निग्धा ने एक पुत्री को जन्म दिया. परिजनों का कहना है कि लड़की का जन्म ऑपरेशन से हुआ. उनके अनुसार, ऑपरेशन के दौरान ही महिला की कोई नस कट गई और आंतरिक रक्तश्राव शुरू हो गया. काफी रक्तश्राव होने पर महिला के शरीर में खून की कमी होने लगी तो डॉक्टरों ने परिजनों से खून की मांग की. परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को पांच यूनिट ब्लड मुहैया कराया, इसके बावजूद भी महिला की जान नहीं बचाई जा सकी. परिजनों का आरोप है कि गुरुवार की दोपहर उन्हें बताया गया कि स्निग्धा की किडनी फेल हो गई और डायलिसिस के दौरान हॉर्ट फेल होने से उसकी मौत हो गई. इस दौरान दो बार स्निग्धा का ऑपरेशन भी किया गया था. परिजनों ने बताया कि हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने स्निग्धा के क्रिएटिनिन का लेबल भी नहीं जांचा. उन्होंने बताया कि उन्हें पूरी आशंका है कि पहले ऑपरेशन के दौरान ही नस कटने से इंटर्नल ब्लिडिंग होने से मौत हुई. मृतका के पति के बड़े भाई, डॉ संजय कुमार सिन्हा जो शहर के एक जाने-माने दंत चिकित्सक हैं, ने बताया कि सहयोग हॉस्पिटल में भर्ती होने के पहले स्निग्धा को कोई बीमारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को एक बच्ची को जन्म देने के बाद स्निग्धा की हालत खराब होने लगी. बाद में उसे सेप्टीसीमिया भी हो गया. फिर भी हॉस्पिटल के लोगों व डॉक्टर ने परिजनों को भ्रम में रखा. 

बताते चलें कि महज डेढ़ साल पहले ही प्रशांत एवं स्निग्धा की शादी हुई थी. प्रशांत बैंक में कार्यरत हैं.इधर अस्पताल ने दावा किया कि मरीज की मौत हार्ट फेल होने से हुई.  सहयोग अस्पताल के प्रबंधक शिवानंद दुबे ने बताया कि स्निग्धा को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था. किडनी की समस्या पाए जाने पर डायलिसिस कराया गया. इसके बाद 10 मिनट के लिए वह होश में आई थी. इस दौरान उसने घरवालों से बात भी की. लेकिन बाद में हार्ट फेल होने से उसकी मौत हो गई. परिजनों के खिलाफ तोड़फोड़ और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई है.वहीं, पाटलिपुत्र थाना के थानाध्यक्ष चेतनानंद झा का कहना है कि स्निग्धा के परिजनों की ओर से शिकायत मिली है. पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा. मामले की छानबीन चल रही है.




गौरतलब है कि पाटलिपुत्र स्थित इस अस्पताल में पहले भी अक्सर ऐसी घटनाएं होती रही हैं और मीडिया में उठती रही हैं. पहले भी यहां कई मरीजों की मौत पर हंगामा होता रहा है जिसमें अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगता रहा है. आखिर ऐसा क्या होता है कि इस अस्पताल में लगातार ऐसी घटनाएं घट जाती है? क्या अस्पताल का मैनेजमेंट इसपर सीरियस नहीं है या सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में मरीजों का ख्याल नहीं रखा जाता है?