आरम्भ हुई आज से बिहार में ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | सोमवार को बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आयोजित “ऑनलाइन दाखिल खारिज, ‘ऑनलाइन लगान भुगतान एवं निबंधन कार्यालयों को अंचल कार्यालयों से संबद्ध कर Suo Motto दाखिल खारिज” सुविधा का श्री गणेश हो गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में रिमोट के माध्यम से इसका शुभारंभ किया.
मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग ने ऑनलाइन कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है. उन्होंने कहा कि इसके लिए हमलोग पहले से ही काफी प्रयासरत थे. हालांकि उन्होंने कहा कि इस काम के लिये कर्मियों की संख्या की कमी है, जिसका आकलन किया गया है. इसके लिए 1203 विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, 2297 सर्वेक्षक अंचल निरीक्षक सह कानूनगो, 22966 विशेष सर्वेक्षण अमीन, 2406 लिपिक/विशेष लिपिक, 1203 कार्यपालक सहायक, 12 डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं 1203 आई0टी0 ब्वॉय की नियुक्ति के लिए लोक वित्त समिति द्वारा प्रस्ताव किया गया है, इसके लिए विभाग को तेजी से काम करना होगा उसके बाद मुख्य सचिव के स्तर से इसकी समीक्षा की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कार्यों में कानून व्यवस्था को बहाल करना उनकी प्राथमिकता है. इस कार्य में बिहार जैसे राज्य में सबसे बड़ी समस्या भूमि विवाद के कारण होती है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग काफी महत्वपूर्ण विभाग है, जिसके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है. अब नए तकनीक के प्रयोग से कार्यों में सुविधा होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जमाबंदी रजिस्टर तथा अन्य भूमि संबंधी दस्तावेजों को स्कैन कर ई-रिकॉर्ड के रुप में सुरक्षित रखा जाएगा ताकि पुराने दस्तावेज सुरक्षित रहें और उनका भविष्य में उपयोग हो सके. इससे नए सर्वे सेटलमेंट में भी सहुलियत होगी और भूमि विवाद के निराकरण में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य करने होते हैं. निर्धारित 15 दिन में एक दिन पूरे समय बैठने का मौका नहीं मिलता है, फिर भी कम से कम कुछ घंटों की बैठक जरुर होनी चाहिए. प्रत्येक माह में एक दिन मुख्य सचिव, डी0जी0पी0, प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एवं प्रधान सचिव निबंधन विभाग की एक बैठक होगी, जिसमें सभी जिलाधिकारियों से फीडबैक लिया जाएगा और जमीन विवाद संबंधी समस्या के समाधान की समीक्षा की जाएगी. इस तरह ऊपर से नीचे तक एक तंत्र विकसित होगा और जवाबदेही के साथ कार्य का निष्पादन होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले एक वर्ष के अंदर कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे जिसमें खतिहानों एवं रजिस्टर-2, सरकारी बंदोबस्ती पंजी, दाखिल खारिज पंजी, सरकारी रजिस्टर का, डिजिटलाइजेशन एवं स्कैनिंग किया जाएगा. इससे नए सर्वे सेटलमेंट में पुराना रिकाॅर्ड किसका है, इसके बारे में भी जानकारी मिल सकेगी और नए सर्वे सेटलमेंट में जो आपत्तियाॅ होंगी, उसके निष्पादन में कम समय लगेगा. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नया सर्वे सेटलमेंट का काम 2 वर्ष के अंदर कर लिया जाय और इसके बाद चकबंदी भी लागू कर सकें. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार का विकास दर डबल डिजिट में है. हमलोग विकेंद्रीकृत तरीके से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर भूमि संबंधित विवाद खत्म हो जायें तो बिहार विकास की नई ऊंचाई को प्राप्त कर लेगा. कृषि उत्पादकता बढ़ेगी, साथ ही लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी. आप सब इस विभाग के ऊर्जावान कर्मी हैं, अपने कार्यकाल में इस काम को पूर्ण करें, इससे अपने मन में संतुष्टि तो होगी ही, लोग भी आपको याद करेंगे.
इससे पहले मुख्यमंत्री का स्वागत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने पुष्प-गुच्छ भेंटकर किया. कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन दाखिल खारिज, ऑनलाइन लगान भुगतान एवं निबंधन कार्यालयों से संबद्ध कर Suo Motto दाखिल खारिज के संबंध में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया गया. मुख्यमंत्री ने तकनीकी विशेषज्ञों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया.
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने भी संबोधित किया.
इस अवसर पर मुख्य सचिव दीपक कुमार, अध्यक्ष राजस्व पर्षद सह सदस्य सुनील कुमार सिंह, प्रधान सचिव गृह, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, निदेशक भू-अर्जन एवं विशेष सचिव राजस्व एवं भूमि सुधार वीरेंद्र कुमार मिश्र, जिलाधिकारी कुमार रवि, निदेषक भू-अभिलेख एवं परिमाप जय सिंह सहित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे.