नाटक द्वारा “दहेज न लेना – न देना” का संदेश

फुलवारी शरीफ (अजीत की रिपोर्ट) । सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच की ओर से सप्ताहिक नुक्कड़ नाटक की श्रृखंला में महेश चौधरी द्वारा लिखित एवं प्रकाश कुमार द्वारा निर्देशित नुक्कड़ नाटक “बेटी हो तो ऐसी” का मंचन वाल्मी स्थित आशीष मार्केट, फुलवारीशरीफ परिसर में की गई. नाटक की शुरुआत सौरव राज के गीत – बस इतना ही संग था तुम्हारा हमारा, जाओ बेटी खुश रहना ले लो आशीष हमारा… से हुयी.

नाटक में यह दिखाया गया कि एक जोड़े की काफी धूमधाम के साथ शादी संपन्न होती है. लड़की की विदाई के समय लड़का कहता है कि मुझे कार चाहिए नहीं तो मैं आपकी बेटी को अपने साथ नहीं ले जाऊंगा. लड़की के पिता काफी आरजू विनती करते हैं कि कुछ दिनों का मोहलत दीजिए, मैं कार दे दूंगा – फिर भी वह दहेज लोभी नहीं मानता है. तब तक लड़की अपने मोबाइल से लड़के का वीडियो बनाकर पुलिस कंट्रोल रूम में व्हाट्सएप कर देती है और पति को जेल भेजने की बात कहती है. पति कहता है कि मैं तुम्हारा पति हूं, कोई अपने पति को जेल भेजवाता है क्या. तब लड़की कहती है अब तो तेरे साथ जाएगी मेरी जूती और तुम्हारी जगह जेल की सलाखों के पीछे हैं. यह सुनकर लड़का पैर पकड़कर माफी मांगता है. लड़की के पिता कहते हैं कि वाह बेटी वाह, मान गए तुझे; बेटी हो तो ऐसी. इतने में पुलिस आ जाती है और लड़का और उसके पिता को दहेज के जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेज देती है. नाटक में महेश चौधरी, सौरव, प्रकाश, मोनिका, राजमती, प्रमोद, रौनक, सौरभ, यशराज, अमन, आयुष, आर्यन, धैर्य, हरिकांत, राहुल, कामेश्वर, जगत नारायण आदि कलाकारों ने अभिनय किया.