वाहन चलायें मगर सावधानी से | आज से बेहद सख्त हो गया कानून

  • 1 सितंबर से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाये तो देना होगा 1 हजार रुपये जुर्माना और 3 माह के लिए वाहन चलाने के लिए हो जाएंगे अयोग्य
  • मोटर वाहन अधिनियम में भारी बदलाव, एक सितंबर से बढ़ गई है जुर्माने की राशि
  • नाबालिग वाहन चलाते पकड़े गए तो अभिभाव भी होंगे दोषी 
  • नाबालिग के अतिरिक्त अभिभावक को भी 25 हजार रुपया जुर्माना
  • परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सड़क दुर्घटना और इसमें होने वाली मृत्यु में कमी लाने के उद्देश्य से मोटर वाहन अधिनियिम में किया गया है बदलाव
  • ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू होगा यह नियम
  • पूरे राज्य में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
  • एनसीसी कैडेट्स भी अभियान में होंगे शामिल
  • अभिभावकों से अपील नाबालिगों को गाड़ी चलाने न दें
  • नाबालिग द्वारा ई रिक्शा चलाने पर वाहन भी होगा जब्त
  • 1 सितंबर से प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रत्येक डीटीओ, एमवीआई और इएसआई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया  गया प्रशिक्षित
  • इमरजेंसी वाहनों जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को रास्ता नहीं देने पर लगेगा 10,000  हजार रुपये का जुर्माना

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | 1 सितंबर से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते पकड़े गए तो पहले से अधिक जुर्माने के साथ तीन माह के लिए दोपहिया वाहन चलाने के लिए अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे. यानी तीन माह तक वाहन नहीं चला सकते हैं. इस दौरान वाहन चलाते पुनः पकड़े गए तो 10 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा.
मोटर वाहन अधिनियम में भारी बदलाव किया गया है. यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों पर अब पहले से और अधिक सख्ती बरती जाएगी. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मोटर वाहन (संशोधित) अधिनियम 2019 एक सितंबर से बिहार में लागू किया जा रहा है. यह शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों मंर भी लागू होगा. जुर्माने की राशि बढ़ाने का मूल उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को नियंत्रित करना है.
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने के पूरे राज्य में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसमें एनसीसी कैडेट्स भी शामिल होंगे. उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि नाबालिगों को गाड़ी चलाने के लिए नहीं दें.
हेलमेट, सीटबेल्ट, अंडरऐज ड्राइविंग, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना, स्पीडिंग-रेसिंग, खतरनाक ड्राइविंग आदि कई तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने पर पहले से कई गुना अधिक जुर्माना वसूला जाएगा.
परिवहन सचिव ने बताया कि नाबालिग ड्राइविंग करते पकड़ाए तो इसके दोषी उनके अभिभावक भी होंगे. नाबालिग के अतिरिक्त अभिभावक को भी 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में मामला दर्ज होगा और मोटर व्हीकल का रजिस्ट्रेशन कैंसल होगा.
वहीं इमरजेंसी वाहनों जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है. यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित धारा के उल्लंघन करने पर संबंधित धारा के अनुसार जुर्माना वसूल किया जाएगा. इससे बिहार में हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और दुर्घटना में हो रही मौतों पर अंकुश लगेगा.
वाहन चलाते समय हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने पर जुर्माने की राशि 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई है. बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने, स्पीडिंग-रेसिंग के मामले में अब 500 रुपये की जगह 5000 रुपये जुर्माना देना होगा. बिना परमिट का वाहन चलाने पर 5 हजार रुपये के बजाय 10 हजार रुपये तक किया गया है. नशे में ड्राइविंग करने पर 10 हजार जुर्माना और छह माह का कारावास का प्रावधान किया गया है. इस मामले में दोबारा पकड़े जाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना और दो वर्षों का कारावास का प्रावधान किया गया है.

उल्लंघन जुर्माना
वर्तमान प्रस्तावित

सामान्य 100 रुपए 500 रुपए
हेलमेट 100 रुपए 1000 रुपए और तीन महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड
बिना लाइसेंस के वाहनों का अनाधिकृत उपयोग 1000 रुपए 5000 रुपए
बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाना 500 रुपए 5000 रुपए
अयोग्यता के बावजूद ड्राइविंग 500 रुपए 10 हजार रुपए
खतरनाक ड्राइविंग 1000 रुपए 5000 रुपए तक
नशे में ड्राइविंग 2000 रुपए 10,000 रुपए
स्पीडिंग-रेसिंग 500 रुपए 5000 रुपए
बिना इंश्योरेंस के ड्राइविंग 1000 रुपए 2000 रुपए
ओवर स्पीडिंग (एलएमवी) 400 रुपए 1000 रुपए
ओवर स्पीडिंग (मध्यम श्रेणी) 400 रुपए 2000 रुपए