60 प्रतिशत से अधिक हत्याएं भूमि विवाद के कारण होती हैं : नीतीश




मुख्यमंत्री ने विधि व्यवस्था एवं मद्य निषेध से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, विधि व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

अपराध नियंत्रण किसी प्रकार की कोताही न हो

सुनिश्चित करें कि सभी थानों में हमेशा लैंडलाइन फोन करे

अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं

रात्रि गश्ती, पैदल गश्ती में किसी प्रकार की लापरवाही न हो

वरीय पुलिस पदाधिकारी गश्ती का औचक निरीक्षण करें

 लैंड सर्वे एंड सेटलमेंट का काम तेजी से हो

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधि व्यवस्था एवं मद्य निषेध से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि विधि व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कोताही न हो। अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं और इसे ससमय पूर्ण करें ताकि दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो सके। •सुनिश्चित करें कि सभी थानों में लैंड लाइन फोन फंक्शनल रहे। उन्होंने कहा कि रात्रि गश्ती, पैदल गश्ती में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसको सुदृढ़ करने को लेकर वरीय पुलिस पदाधिकारी गश्ती का औचक निरीक्षण करें। प्रति एक लाख की जनसंख्या पर कम-से-कम 150 की संख्या में पुलिस बल की तैनाती हो, इसको लेकर तेजी से काम करें। साथ ही पुलिस बल के ट्रेनिंग पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ राज्य में सांप्रदायिक घटनाओं को नियंत्रित रखा है, आगे भी इसी तरह सक्रियता बनाए रखें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 60 प्रतिशत से अधिक हत्याएं भूमि विवाद के कारण होती हैं। लैंड सर्वे एंड सेटलमेंट का काम तेजी से हो ताकि भूमि विवाद को लेकर होनेवाले अपराध में कमी आए। जमीन से संबंधित आपसी विवाद को खत्म करने के लिए महीने में एक बार जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, 15 दिनों में एक बार एसडीओ और एसडीपीओ तथा सप्ताह में एक दिन अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष की नियमित रुप से होनेवाली बैठकों में समस्याओं के त्वरित निष्पादन हेतु कार्य हो। उन्होंने कहा कि गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव, सप्ताह में एक दिन आपस में बैठक करें ताकि समस्याओं का त्वरित निष्पादन हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी पटना में शराबबंदी के क्रियान्वयन पर विशेष नजर रखें, गड़बड़ी करने वालों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई करें। शराब पीनेवालों को पकड़ने में कोताही न बरतें। उनकी निशानदेही पर सप्लाई चेन को तोड़ा जाए। राजधानी पटना में शराबबंदी के क्रियान्वयन पर विशेष नजर रखें। गड़बड़ी करने वालों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई करें। कोई कितना भी बड़ा आदमी हो, किसी भी दल का हो, किसी परिवार का हो, शराब पीते पकड़े जाने पर उन्हें छोड़े नहीं। कानून की नजर में सब बराबर हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से बिहार के लोगों को काफी फायदा हो रहा है। राज्य में शराबबंदी के बाद दूध, सब्जी, फल आदि चीजों की खपत बढ़ी है। समाज सुधार अभियान के दौरान जो बातें बताई गई हैं, उसको लेकर कैंपेन चलाते रहें। लोगों को जागरूक करते रहें। उन्होंने कहा कि नीरा उपयोगी है इसे प्रचारित करें तथा इसके उत्पादन को बढ़ाने के लिए तेजी से काम करें।

बैठक में मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एस०के० सिंघल, अपर मुख्य सचिव गृह चैतन्य प्रसाद, अपर मुख्य सचिव मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन के०के० पाठक, सचिव गृह जितेंद्र श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय जे०एस० गंगवार, अपर पुलिस महानिदेशक सी०आई०डी० जितेंद्र कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक विशेष शाखा सुनील कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक विधि व्यवस्था संजय सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, आयुक्त मद्य निषेध एवं उत्पाद बी० कार्तिकेय धनजी, आई०जी० मद्य निषेध अमृत राज एवं विशेष सचिव गृह विकास वैभव उपस्थित थे।

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