100 साल का हुआ अश्वारोही सैन्य पुलिस बल

मुख्यमंत्री पहुंचे अश्वारोही सैन्य पुलिस का शताब्दी समारोह में

आरा. घोड़े पर सवार सैनिक और उसके टापों की आवाज सुन और रोबीले रुतवे को देख सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. वीरता के इतिहास गढ़ने वाले सैनिकों ने उस युग मे वैसे जगहों पर लोगों की हिफाजत में अपनी ताकत का लोहा मनवाया है जहाँ गाड़िया नही जा पाती थी. हम बात कर रहे है बिहार के अश्वारोही सैन्य पुलिस बल के जवानों की. देखते ही देखते शताब्दी वर्ष में पहुचने वाले अश्वारोही पुलिस बल का धूमधाम से शताब्दी समारोह गुरुवार को मनाया गया.




अश्वरोही सैन्य पुलिस बिहार, आरा का शताब्दी समारोह का आरा में आयोजन किया गया. उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डीजीपी गुप्तेशवर पांडेय, अपर मुख्य सचिव ने किया. सर्व प्रथम अश्वरोही सैन्य पुलिस बिहार से संबंधित प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वृक्षारोपण किया तथा लोहे की बनी घोड़े की प्रतिमा का लोकार्पण किया एवं परेड की सलामी ली.

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सौ साल पहले 1919 में इसकी शुरूआत हुई. टाल के इलाके में कृषि के समय अश्वरोही पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है. तकनीक आने के बावजूद अश्वरोही सैन्य पुलिस की भूमिका बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि अपराध अनुसंधान में तकनीक आने के बावजूद पुराने तरीके व्यवहार में बने रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के प्रति सरकार अत्यंत गंभीर है. 2007 में निर्मित पुलिस एक्ट में लाॅ एम्ड आर्डर एवं अनुसंधान की जिम्मेवारी अलग अलग की है.

आपसी झगड़ा एवं विवाद में कमी हौई है. मगर दुर्घटना के बाद हंगामा होता है जो दुर्भाग्य पूर्ण है.इन हंगामे का कोई अर्थ नहीं होता. ऐसे मामलों के प्रति लोगों में जागरूकता होनी चाहिए.उनहोंने कहा कि निरंतर प्रयास से समस्याओं का सल निकलेगा. उन्होंने सुझाव दिया कि अश्वरोही पुलिस की भूमिका जन जागरूकता में बढ़नी चाहिए.
उन्होंने कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण में दुनिया की श्रेष्ठ तकनीक लाया जा रहा है. पुलिस की सुविधा में कोई कसर सरकार ने नहीं छोड़ी है और अब पुलिस की जिम्मेवारी है आम आदमी की सुरक्षा पुख्ता करना.

इस अवसर पर डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस को काम करने की पूरी आजादी दी है और ऐसे हमारा दायित्व है कि हम रिजल्ट दें.
आमिर सुबहानी ने कहा कि अश्व और वीरता का गहरा संबंध है. उन्होंने श्याम नारायण चौधरी की कविता चेतक का पाठ किया. कहा कि घोड़े पर सवार वीर कुंवर सिंह वीरता के प्रतीक है. उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के प्रत्येक जवान में वीर कुंवर सिंह जैसा साहस होना चाहिए.

दो दिवसीय इस आयोजन के पहले दिन आज शो जम्पिंग का आयोजन हुआ तथा पुरस्कार वितरण मुख्यमंत्री के हाथों किया गया.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट