मुआवजा नही मिलने से गुस्साये किसानों ने किया रोड जाम

3 घण्टे तक अवरुद्ध रहा छपरा-कोईलवर पथ
नही पहुँचे कोई अधिकारी

कोईलवर, 29 मई. जिला प्रशासन तथा पुल निगम द्वारा धोखाधड़ी को लेकर भोजपुर के किसानों ने मंगलवार को लगभग 3 घन्टे रोड जाम कर अपना रोष दिखाया. यह जाम किसानो ने फोरलेन सड़क में गयी अपनी जमीन की मुआवजा के लिए की थी. किसानों का कहना था कि उनके जमीन की अबतक कोई कीमत सरकार या पूल निगम ने अबतक नही दिया है. सरकार द्वारा जमीन का न तो मुआवजा ही मिला और न ही जमीन, ऐसी स्थिति में किसान अपना गुजारा कैसे करेंगे?




सरकार के इस रवैये से किसान सड़क पर उतरे और शान्तिपूर्वक सड़क पर बैठकर सड़क जाम कर दिया. किसानों के द्वारा करीब 3 घंटे तक सड़क जाम किया गया. जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गई. आरा छपरा मुख्य मार्ग को जाम कर किसानों ने जमकर बवाल काटा.

मिली जानकारी के अनुसार कोईलवर में जमीन का मुआवज़ा नहीं मिलने से आक्रोशित  जमीन मालिकों ने आरा-छपरा फोरलेन का चल रहा काम भी रोक दिया. बताते चलें कि कोइलवर मौजा में लगभग 49 किसानों के 67 प्लॉट फोरलेन में जा रहा है जिसका मुआवजा किसानों को जिला प्रशासन व पुल निगम ने अबतक नही दिया है.

किसानों का आरोप है कि बिना रेट निर्धारण और बिना मुआवजा के ही उनके खेतो को फोरलेन के लिए एक्वायर कर काम किया जा रहा है. सरकार के इस हिटलरी रवैये के विरुद्ध किसानो ने सड़क पर उतरकर आरा छपरा मुख्य मार्ग को जाम कर घंटों प्रदर्शन किया.

जाम से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुई जिससे वाहनों का परिचालन ठप्प हो गया. किसानो ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगे पूरी नही हुई तो वे यही जान दे देंगे पर काम नही होने देंगे.

आक्रोशित किसानो ने मंगलवार को आरा छपरा मुख्य मार्ग को जाम करते हुए सड़क पर बैठकर उन्होंने जमीन का रेट निर्धारण करने और पहले मुआवजा देने की मांग की. सड़क जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई.चिलचिलाती गर्मी में राहगीरों को भी काफी परेशानियां उठानी पड़ी. जाम की सूचना मिलते ही कोईलवर थाना पुलिस पहुंची लेकिन जाम कर रहे लोग वरीय पदाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे. लेकिन वरीय पदाधिकारियों के संवेदनहीनता को इसी से समझा जा सकता है कि लगभग 3 घंटे तक सड़क जाम के दौरान कोई भी पदाधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट