कहाँ खुला भोजपुर नाट्य महोत्सव के आयोजन का कार्यालय ?

19 राज्यों की 25 नाट्य दलों ने दी महोत्सव में आने की स्वीकृति

आरा,16 फरवरी. स्थानीय जैन स्कूल परिसर में आगामी 1 से 5 मार्च को आयोजित हो रहे भोजपुर नाट्य महोत्सव 2020 सह जैन स्कूल शताब्दी समारोह के सफल आयोजन हेतु आरा रंगमंच कार्यालय का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त भोजपुर अंशुल अग्रवाल व पर्यावरणविद – समाजसेवी ई. संजय शुक्ला के हाथों संयुक्त रूप से हुआ. कार्यालय जैन स्कूल परिसर में ही खोला गया. यह आयोजन आरा रंगमंच, श्री आदिनाथ ट्रस्ट व जैन स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है. कार्यालय उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में अंशुल अग्रवाल ने कहा कि यह जिले के लिए गर्व की बात है कि किसी संस्थान का 100 वां वर्ष मनाया जा रहा है. इस शताब्दी वर्ष के समारोह में आरा रंगमंच द्वारा पुरे भारत की संस्कृति को एक मंच पर लाने का यह प्रयास सराहनीय है. ऐसे आयोजन शताब्दी वर्ष पर ही नही बल्कि प्रत्येक वर्ष होने चाहिए. पर्यावरणविद व समाजसेवी ई. संजय शुक्ला ने श्री आदिनाथ ट्रस्ट, जैन स्कूल व आरा रंगमंच के इस संयुक्त समारोह को त्रिवेणी संगम का नाम दिया. उन्होंने कहा कि यह आयोजन आने वाले वर्षों के लिए मील का पत्थर साबित होगा.




कार्यक्रम में श्री आदिनाथ ट्रस्ट के सचिव कमल किशोर जैन ने अपने संबोधन में कहा कि शताब्दी वर्ष सिर्फ जैन स्कूल का ही नही बल्कि बल्कि श्री आदिनाथ ट्रस्ट व दानवीर पुज्य बाबूजी श्री हर प्रसाद दास जैन की पुण्यतिथि का भी यह शताब्दी वर्ष है. कार्यक्रम को ज्योति प्रकाश जैन ( सचिव, जैन स्कूल आरा), आलोक जैन (अध्यक्ष, जैन स्कूल, आरा), भारती कृष्ण चौबे ( सेवानिृत उप प्राचार्य डायट पिरौटा) आदि ने भी संबोधित किया.

कार्यक्रम का संचालन आरा रंगमंच के महासचिव अशोक मानव ने किया. उन्होंने बताया कि 19 राज्यों की 25 टीमों के आने की स्वीकृति मिल चुकी है. जिसमें मणिपुर, आसाम, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, गुजरात, हिमाचल, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली आदि राज्य है. उक्त अवसर पर डॉ अनिल सिंह, डॉ पंकज भट्ट, कमलेश कुंदन, नितेश सोनी, मुक्ति साईमन, उषा, शिखा, मनीषा, बम ओझा, अम्बूज आकाश, कृष्णेन्दू, नरेंद्र सिंह, नवीन पाण्डेय, बिट्टू तिवारी, राजा, दयाशंकर, शमशाद प्रेम, संजय राय कमलेश जैन, मनीष जैन आदि गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही. धन्यवाद ज्ञापन आरा रंगमंच के संयोजक अनिल तिवारी दीपू ने किया.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट