कवि सम्मलेन में बही काव्य-सरिता

प्रेमचन्द खन्ना स्मृति समारोह का अंतिम दिन

‘सामयिक परिवेश’ एवं ‘कला जागरण’ के संयुक्त तत्त्वाधान में चल रहे तीन दिवसीय प्रेमनाथ खन्ना स्मृति समारोह के अंतिम दिन काव्य समारोह का आयोजन हुआ जिसके संयोजक समीर परिमल तथा अध्यक्षता कासिम खुर्शीद ने की. कार्यकम का उद्घाटन संयुक्त रप्प से कासिम खुर्शीद, ममता मेहरोत्रा, तथा मृत्यंजय कुमार सिंह ने किया तथा मंच सञ्चालन रामनाथ शोधार्थी ने किया. कवि सम्मेलन में ३० से अधिक कवियों ने कविता-पाठ किया जिनमें प्रमुख खुर्शीद अनवर, शाजिया नाज़, विकास राज, अक्स समस्तीपुरी, सूरज ठाकुर बिहारी, सुनील कुमार, नितेश सागर, श्याम कुंवर भारती, प्रियंका वर्मा, संजय संज, राकेश सिंह सोनू, अमीर हमजा, कुंदन कुमार कदम, हैमत दस हिम थे.




कविताओं पर झूमे दर्शक

जिन कवियों के कविता की कुछ पंक्तियों ने श्रोताओं की वाहवाही बटोरी, उनमें से कुछ की बानगी –

मैं भला हूँ या बुरा हूँ, आपको तकलीफ क्यूँ,

बुझ रहा हूँ या जल रहा हूँ, आपको तकलीफ क्यूँ (कासिम खुर्शीद)

 

प्रेम खामोश एक कहानी है, प्रेम से रूह की जवानी है,

हम किसी से ना बैर कर पाए, प्रेम का रोग खानदानी है (सूरज बिहारी ठाकुर,सुपौल)

हथेली की लकीरों को बढ़ाकर,

मैं कद अपना बढ़ाना चाहता हूँ (खुर्शीद अनवर)

मैं खुली एक किताब हो जाऊ,

तू पिए तो शराब हो जाऊ (निलेश उपाध्याय)

लघु और नृत्य नाटिका का हुआ प्रदर्शन

इस अवसर पर फोटोग्राफी के लिए ईशान तथा आशुतोष मेहरोत्रा को सम्मानित किया गया. इसके बाद यू के डांस अकादमी के बच्चों ने सेव गर्ल पर लघु नाटिका प्रस्तुत की साथ ही भगवान् है कहाँ रे तू और हाई हिल्स पर नृत्य भी प्रस्तुत किया. इसमें निशान, रितिका, नेहा, आशी, दिव्या का प्रदर्शन शानदार रहा. अंत में कलांगन की इमली दास गुप्ता ने श्री कृष्ण वंदना नृत्य ओडिशी शैली में प्रस्तुत किया.

बिहार हिंदी प्रगति समिति के अध्यक्ष, बिहार गीत के रचयिता और एवं कवि सत्यनारायण को ‘सामयिक परिवेश’ द्वारा प्रेमचन्द खन्ना साहित्य शिरोमणि पुरस्कार-२०१८ से सम्मानित किया गया. ममता मेहरोत्रा, समीर परिमल, शम्भू कुमार द्वारा सम्मान-पत्र, प्रतीक चिन्ह, और अंगवस्त्र प्रदान किया गया.

प्रेमचन्द खन्ना स्मृति समारोह के दूसरे दिन आज कालिदास रंगालय में पुस्तक विमोचन समारोह का भी आयोजन हुआ जिसमें ममता मेहरोत्रा की पुस्तक टाइम मैनेजमेंट, ममता मेहरोत्रा और समीर परिमल द्वारा सम्पादित यात्रा-संस्मरण संग्रह सफर…जिन्दगी की तलाश तथा सामयिक परिवेश के नए अंक का लोकार्पण हुआ. यात्रा-संस्मरण में शामिल सभी १२ लेखकों ओ अभिषेक प्रकाशन,नयी दिल्ली द्वारा सम्मानित किया गया. साथ ही सम्यक पाठक की वेबसाइट ब्लड एंजेल का भी लोकार्पण हुआ. उद्घाटन कुमार अरुणोदय, ममता मेहरोत्रा, समीर परिमल, शम्भू कुमार, श्याम कुंवर भारती, रमण कुमार ने दीप जलाकर और प्रेमचन्द खन्ना के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया.

इस अवसर पर मुकेश कुमार सिन्हा, डॉ कविता विकास, विभा रानी श्रीवास्तव, नेहा नारायण सिंह, विभा सिंह, सुजीत राय, अमित कुमार सहित सैकड़ों साहित्य-प्रेमी मौजूद थे. मंच संचालन नीता ने किया. अंत में कलांगन द्वारा नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गयी.  

पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट