काला धन रखने वालों को 31मार्च तक का समय

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, 2016 के लिए कराधान एवं निवेश व्यवस्था की घोषणा 

आय घोषणा पार्ट- 2




अब 31 मार्च तक अघोषित आय का खुलासा किया जा सकता है

यह योजना 17 दिसंबर से 31 मार्च 2017 तक खुलेगी रहेगी

आयकर, जुर्माना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण उपकर सहित कुल 49.9 प्रतिशत देना होगा 

77.25 प्रतिशत तक कर, अधिभार और उपकर लगाया जा सकता है

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सरकार ने नोटबंदी के मद्देनजर अघोषित आय वालों को कर, जुमार्ना और उपकर चुका कर पाक-साफ निकलने के लिए शुक्रवार को आय घोषणा योजना ‘पार्ट टू का ऐलान किया जिसके तहत 31 मार्च तक अघोषित आय का खुलासा किया जा सकता है.
राजस्व सचिव हसमुख अधिया और केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष सुशील चंद्रा ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, 2016 के लिए कराधान एवं निवेश व्यवस्था की घोषणा की. अधिया ने कहा कि यह योजना 17 दिसंबर से 31 मार्च 2017 तक खुलेगी रहेगी और जो व्यक्ति अपनी अघोषित आय घोषित करना चाहतें हैं वे इसका लाभ उठा सकते हैं. इसके लिए आयकर, जुर्माना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण उपकर सहित कुल 49.9 प्रतिशत कर चुकाना होगा. इसके साथ ही अघोषित आय की 25 फीसदी राशि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2016 में बगैर ब्याज के चार वर्षाें के लिए जमा कराना होगा.
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत घोषित आय को आयकर अधिनियम के अनुसार, किसी भी कर निर्धारण वर्ष के लिए घोषणाकर्ता की कुल आय में शामिल नहीं किया जायेगा. यह किसी भी अधिनियम अर्थात केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, धन कर अधिनियम, कंपनी अधिनियम आदि के तहत साक्ष्य के रूप में भी स्वीकार्य नहीं होगा. लेकिन, योजना की धारा 199ण में उल्लिखित आपराधिक अधिनियमों के दायरे में आने वालों को कोई छूट नहीं दी जायेगी.
राजस्व सचिव ने कहा कि इस योजना के बाद कालाधन वालों के लिए कोई स्कीम नहीं आयेगी और अघोषित आय पकड़े जाने पर न्यूनतम 77 प्रतिशत और अधिकतम 100 प्रतिशत राशि कर और जुर्माने के रूप में चुकानी होगी.

 

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अधिया ने कहा कि नोटबंदी के मद्देनजर बैंक खातों में धनराशि जमा कराने भर से वह सफेद धन नहीं हो जायेगा. नोटबंदी के मद्देनजर ढाई लाख रुपये तक बैंक खाते में जमा कराने पर कर नहीं लगाने की बात कही गयी थी, लेकिन यदि कोई व्यक्ति इसका दुरुपयोग करता हुआ पाया जायेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि एक ही व्यक्ति के अलग-अलग बैंकों में ढाई लाख रुपये तक राशि जमा कराने की सूचनायें मिल रही हैं और इसकी जाँच भी की जा रही है कि संबंधित व्यक्ति की आय घोषित है या नहीं. उन्होंने कहा कि जिन बैंक खातों में पैन नंबर नहीं है उन खातों की भी जाँच की जा रही है.
उन्होंने कहा कि बैंकों में जमा अघोषित आय के लिए इस नयी योजना के तहत घोषणापत्र भरना होगा और ऐसा नहीं करने वालों को आयकर रिर्टन में इसका उल्लेख करने पर 77.25 प्रतिशत तक कर, अधिभार और उपकर लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यदि इसे आयकर रिटर्न में भी नहीं दर्शाया जायेगा तो आगे इस पर 10 फीसदी जुर्माना भी लगेगा और मुकदमा भी चलेगा.
उन्होंने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 270 क के तहत गलत आय बताने वालों पर 200 फीसदी तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है और इसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है तथा यह प्रभावी है.  अधिया ने कहा कि कराधान कानून (द्वितीय संशोधन) अधिनियम 2016 में तलाशी और जब्ती के मामलों में जुर्माने के प्रावधान भी संशोधित किये गये हैं. धारा 271 ए ए बी के तहत 10 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 60 प्रतिशत जुर्माने को तर्कसंगत बनाकर 30 फीसदी कर दिया गया है. यदि आय स्वीकार नहीं की गयी और कर जमा नहीं किया गया तो इस तरह के मामलों में जुर्माना 60 फीसदी लगाया जायेगा.
अधिया ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में कराधान कानून (द्वितीय संशोधन) अधिनियम 2016 को पारित किया गया था और राष्ट्रपति ने कल इसका अनुमोदन किया. यह योजना अधिसूचित की जा चुकी है.