‘जनता कराहती रह गई और मोदी, जेटली झांसा देकर निकल गये’

शिक्षा और रोजगार को लेकर गंभीर नहीं केन्द्र सरकार- JDU
बिहार को कोई नई योजना नहीं देने और स्पेशल पैकेज के झूठे वादे से लोगों को निराशा- RJD
आम बजट को लेकर प्रतिक्रिया का दौर जारी है. बजट में शिक्षा और रोजगार के साथ बिहार को लेकर कोई घोषणा नहीं किए जाने पर जेडीयू और आरजेडी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. युवा जदयू के प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश सेतु ने कहा है कि बाजार और कारपोरेट को लाभ पहुँचाने वाली केंद्र सरकार ने इस बार फिर बच्चों की शिक्षा और युवाओं के भविष्य को अँधेरे में रखकर उनसे खिलवाड़ किया है. आम बजट में इनके लिए न तो पर्याप्त प्रावधान किया गया और न ही कोई स्पष्ट दृष्टि दिखाई गई है.
ओमप्रकाश सेतु ने कहा कि शिक्षा पर बजट का न्यूनतम 6% व्यय का कोठारी कमीशन का सुझाव आज तक पूरा नहीं हुआ. अभी यह मात्र 3.8 है. सर्व शिक्षा अभियान और मध्याह्न भोजन देश के करोड़ों बच्चों को शिक्षा से जोड़ने वाला सबसे सफल अभियान होने के बावजूद इनके लिए पर्याप्त बजट प्रावधान नहीं किए गए हैं. राष्ट्रीय शिक्षा मिशन के लिए महज 1305 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी इस क्षेत्र के प्रति केंद्र का कोई फोकस न होना साबित करता है. सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, वयस्क शिक्षा, टीचर ट्रेनिंग आदि सब इसके अंतर्गत आते हैं. 5 लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं, 6.4 लाख शिक्षक अनट्रेंड हैं, हजारों स्कूल में शौचालय नहीं है, स्कूलों में पीने का शुद्ध पानी नहीं… इन सबको ऐसे बजट प्रावधानों से कैसे पूरा किया जाएगा. युवा जदयू प्रवक्ता ने कहा कि बजट में कौशल विकास के लिए 3500 करोड़ रुपये रखे गए हैं. क्या ढाई-तीन सौ रुपये प्रति बेरोजगार खर्च करके सबको कुशल बना देंगे ? केंद्र ने 2021 तक का लक्ष्य रखा है. मगर तबतक लगभग 14 करोड़ बेरोजगार हो जाएंगे. ऐसे तो कौशल प्रशिक्षण का टारगेट कभी पूरा ही नहीं होगा.
इधर राष्ट्रीय जनता दल के प्रधान महासचिव सह विधायक मुन्द्रिका सिंह यादव और प्रदेश प्रवक्ता मनीष यादव ने केंद्र के बजट एवं रेल बजट को नौ दिन में चले ढाई कोस का बजट बताया है. RJD नेताओं ने कहा कि नोटबंदी और देश भक्ति के नाम पर देश की सेना और सैनिकों की थाली पर सियासत करने वाली भाजपा ने बजट में गरीबों का मजाक उड़ाया है और काले धन वालों की प्रत्यक्ष मदद की है.
जनता जानना चाहती है कि नोटबंदी से जीडीपी का कितना नुकसान हुआ, बेतहाशा बेरोजगारी पर कैसे लगाम लगेगी, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, मूल्यवृद्धि पर कैसे लगाम लगेगी.
राजद नेताओं ने कहा कि बजट में बिहार को कोई नई योजना नहीं देने, बिहार की अनदेखी और स्पेशल पैकेज के झूठे वादे से लोगों को  निराशा हुई है.