हमने गांधी की राह चुनी है, पत्थरों की चिन्ता नहीं : नीतीश

हमने गांधी की राह चुनी है, पत्थरों की चिन्ता नहीं: नीतीश
अपने नेता के किए कामों को जनता के बीच ले जाएगी पार्टी:वशिष्ठ
पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) । प्रदेश अध्यक्ष श्री वशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में जदयू राज्यकारिणी की बैठक 1, अणे मार्ग में संपन्न हुई जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमने गांधी की राह चुनी है, पत्थरों की हमें चिन्ता नहीं. जनता ने हमें सेवा के लिए सत्ता दी है और हम अपना काम पूरी मुस्तैदी से करते रहेंगे. कार्यकारिणी की इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश व राष्ट्रीय अध्यक्ष के अतिरिक्त पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में पार्टी के नेता आरसीपी सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक, राष्ट्रीय महासचिव संजय झा, सांसद व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कौशलेन्द्र कुमार, राष्ट्रीय सचिव रामसेवक सिंह एवं विद्यासागर निषाद, विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, प्रो. रणवीर नंदन, संजय कुमार सिंह (गांधीजी) सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्य, सभी जिला अध्यक्ष एवं सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्ष मौजूद थे.
इस मौके पर नीतीश ने कहा कि विधानसभा चुनाव को लेकर किसी भ्रम में ना रहें. बिहार की जनता ने हमें पूरे पाँच साल के लिए चुना है, उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए. चुनाव तय समय पर ही होंगे. हाँ, सैद्धांतिक तौर पर हम जरूर इस बात पर सहमत हैं कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हों तो बेहतर है, लेकिन इसके लिए पहले राष्ट्रीय स्तर पर राय बननी है और संवैधानिक व्यवस्था होनी है. कई तरह की प्रक्रिया के बाद ही ऐसा संभव होगा.

पार्टी द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम पर प्रसन्नता जताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के कार्यक्रम को पंचायत स्तर तक ले जाएं और सरकार द्वारा किए जा रहे समाज-सुधार के कार्यों एवं लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम जैसे कानून के प्रावधानों से आम जनता को अवगत कराएं ताकि वे इसका लाभ उठा सकें. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वे शीघ्र ही कार्यकारिणी के सभी सदस्यों, जिला अध्यक्षों व प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष से एक-एक कर मिलेंगे और पार्टी की बेहतरी के लिए उनकी राय जानेंगे. उन्होंने यह निर्देश भी दिया कि हर दिन पार्टी के एक या दो मंत्री पार्टी ऑफिस में बैठें.
प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास की नई मंजिल की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के एजेंडे को सरजमीन पर उतारने के लिए सामाजिक चेतना को जगाने की जरूरत है और अगर ऐसा होता है तो आने वाले दिनो में समाज और सरकार दोनों नए रूप में दिखेंगे. उन्होंने कहा कि शराबबंदी और दहेज व बा-विवाह के विरोध में बनी मानव-श्रृंखला की ऐतिहासिक सफलता बिहार की बदलती मानसिकता का उद्घोष है. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की उपलब्धि एकपक्षीय नहीं बल्कि सर्वांगीण विकास हमारी उपलब्धि है. 2005 से अब तक नीतीश कुमार द्वारा किए गए लोक कल्याणकारी कार्यों को मील के 21 पत्थरों के रूप में पेश करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता का ये दायित्व बनता है कि वे इन कार्यों का ध्यान आम जनता को दिलाते रहें क्योंकि समाज का ये स्वभाव होता है कि वो पुरानी बातों को भूलकर नई चीजों की ओर बढ़ने लगता है.
राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि पार्टी अपने 1 लाख 51 हजार सक्रिय सदस्यों को कम-से-कम एक दिन का प्रशिक्षण देने के लक्ष्य पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि दिसंबर में हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में पार्टी के सभी 51 संगठन जिलों एवं 25 प्रकोष्ठों के लगभग 25 हजार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया. अब फरवरी में प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जाना है. इसके बाद मार्च में पंचायत स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन होगा. फिर अप्रैल से पार्टी बूथ लेवल मैनेजमेंट को लेकर तैयारी करेगी. उन्होंने कहा कि हमारी राजनीति औरों से कैसे अलग है, हमें इसकी जानकारी होनी चाहिए तभी हम आमलोगों तक अपनी बात मजबूती से रख पाएंगे.
पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि हमें जात और पात पर नहीं, अपने नेता के काम की बात पर वोट मांगना है. नीतीश कुमार द्वारा किए गए विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ये बहुत बड़ी बात है कि कभी पैसे की किल्लत के कारण किसी योजना के क्रियान्वयन के लिए हमारे मुख्यमंत्री की कलम रुकी नहीं है. अपनी इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से उन्होंने हर मुश्किल पर विजय पाई है.