अवैध तरीके से पैसे लेकर 40 का नामांकन

आरा के जैन कॉलेज का मामला 

NSUI ने किया पीजी में 40 अवैध नामांकन का भंडाफोड़




स्थानीय कार्यालय कोटा आरक्षण के तहत हुए हैं  सारे नामांकन

कुलपति ने कहा नहीं होता है ऐसा कोई कोटा 

NSUI ने जैन कॉलेज,आरा में पीजी के नामांकन में एक बड़े गड़बड़ी का पर्दाफाश  किया है. हालाँकि ये पर्दाफाश संगठन ने दो दिन पूर्व सोमवार को पूर्णिमा के दिन किया था और इस गड़बड़ी के लिए जैन कॉलेज के प्राचार्य की जम कर  फ़जीहत भी की थी . उन्हें उनके कक्ष से निकाल कर आदेशपाल के कुर्सी पर पुरे दिन बैठा कर छात्रों के कार्यों को पूरा कराया था. नामांकन में 40 छात्रों का विशेष कोटे से नामांकन प्राचार्य को कटघरे में खड़ा करता है.इस बड़े पर्देफाश के बाद छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं के द्वारा लगातार तीसरे दिन भी कॉलेज में हो हंगामा किया गया.छात्र नेताओं ने कमर कस ली है कि जबतक पीजी के नामांकन की जांच, और प्राचार्य पे कार्रवाई नहीं हो जाती तबतक कॉलेज के कार्यालय में प्राचार्य को बैठने नहीं दिया जायेगा. ज्ञात हो की कॉलेज में स्थानीय कार्यालय आरक्षण के नाम पर 40 छात्रों का नाम मेघसूची में जारी कर दिया गया है जिसका जबरदस्त विरोध किया जा रहा है.

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दलालों एवं चाटुकारों का लगता है प्राचार्य कक्ष में जमवाड़ा

जब तीसरे दिन छात्र नेता कॉलेज में प्राचार्य कक्ष में पहुचे तो पूर्व से वहां पर दलालों और चाटुकारों का दरबार लगा हुआ था. प्राचार्य के चाटुकार का एक पक्ष महाविद्यालय के प्राचार्य के समर्थन में छात्र नेताओं से उलझ गया. हद तो तब हो गई  जब नेताओं के नारेबाजी से पूर्व ही NSUI संगठन के भोजपुर जिलाध्यक्ष अभिषेक द्विबेदी के मुर्दाबाद के नारे प्राचार्य कक्ष में ही चाटुकारों द्वारा लगने लगे. छात्रों की सूझबूझ से टकराव टल गया.

प्राचार्य के चाटुकार ने दी आत्महत्या की धमकी

प्राचार्य द्वारा अपने आप को सही साबित करने का ये आलम है कि उनके कक्ष में उनके कई चाटुकार सिर्फ धमकी और बयानबाजी के लिए बैठते हैं. इसका प्रमाण आज तब मिला जब छात्रों ने प्राचार्य को पुनः उन्हें कक्ष से बाहर निकलने को बाध्य किया. इस दौरान प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार करने पर एक चाटुकार के द्वारा प्राचार्य कक्ष में ही आत्मदाह करने की चेतावनी दे दी. लेकिन छात्रों के जिद्द के आगे प्राचार्य को अपने कक्ष से बाहर निकलना ही पड़ा. इस हंगामे की खबर सुन मौके पर नवादा थाना की पुलिस भी आई लेकिन तब तक मामला शांत हो गया था. कुलपति के पास भी गए छात्र इस नामांकन को लेकर हालाँकि पहले ही कुलपति से शिकायत की गई  है तथा इसकी शिकायत सीनेट सदस्य मुनमुन तिवारी ने राज्यपाल से भी पत्र प्रेषित कर किया है.

जैन महाविद्यालय में पुलिस पहुचने के बाद NSUI से जुड़े छात्र दर्जनों की संख्या में विश्वविद्यालय के कुलपति के पास जाकर जांच यथाशीघ्र कराने की मांग की. NSUI ने कहा कि जांच कमिटी गठन होने के बाद भी जैन कॉलेज में नहीं पहुंचना, कुलपति द्वारा जाति विशेष का बचाव है. कुलपति एक शिक्षक होने के नाते प्राचार्य का बचाव कर रहे हैं. कुलपति ने कहा 24 को जांच कमिटी जाएगी. जैन कॉलेज NSUI द्वारा कुलपति पर जाति विशेष के बचाव का जवाब देते हुए कुलपति ने कहा कि छात्रों और छात्र संगठन को चिन्ता करने की जरुरत नहीं है. महाविद्यालय में जांच कमिटी 24 ऑक्टूबर को जाएगी और अगर जांच में प्राचार्य दोषी पाए गए तो उन्हें तत्काल निलंबित किया जायेगा. साथ ही कुलपति ने कहा कि  अगर नामांकन में एक भी गड़बड़ी सामने आएगी उस नामांकन को फर्जी घोषित किया जाएगा और विश्वविद्यालय के द्वारा उनका परीक्षा फॉर्म नहीं भरा जाएगा. कुलपति के इस वक्तव्य के बाद  बाद छात्र शांत हुए.आंदोलनकारी छात्रों में धनंजय सिंह,प्रशांत ओझा,राणा सिंह,अंकित ओझा,राज सिन्हा, नितेश कुमार,पंकज कुमार,मनीष कुमार,अमृत सिन्हा,दीपक कुमार,राजीव रंजन,मनीष पाण्डेय, विक्की राठौर के साथ कॉलेज के दर्जनों छात्र शामिल थे.⁠⁠⁠⁠

 

 

रिपोर्ट -आरा से  ओ पी पांडेय