बाढ़ से बिहार में स्थिति विकराल

सरकारी मदद अभी फाइलों में ही ,नहीं पहुंच पाई मदद

लाखों की आबादी के सामने भोजन और आवास का संकट




गंगा समेत कई नदियां उफान पर ,पटना राजधानी पर बढ़ा बाढ़ का संकट

बिहार में बाढ़ से हालत गंभीर है वहीं सूबे के मुखिया ने बाढ़ प्रभावितों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया है ।बिहार के कई जिलों में गंगा नदी लगभग हर जगह खतरे के निशान को पार कर गई है. गंगा का पानी बक्सर से कटिहार तक, हर जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. बिहार के बक्सर,शाहपुर,आरा, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।पटना में भी गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर जा चुका है जिससे इन शहरों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.कई जगहों पर जिला प्रशासन ने कई जगह खतरनाक घाट घोषित कर रखा है और बोर्ड लगा दिया है।

पटना में गंगा नदी का जलस्तर पिछले 4 दिनों में तेजी से बढ़ रहा है जिससे निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर गया है।अब पटना शहर में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. बक्सर में गंगा नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है वही पटना के दीघा इलाके में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर था. पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी खतरे के निशान से 98 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बिहार की सभी नदियों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर है ।समस्तीपुर में गंगा विकराल रूप धारण कर चुकी है जिससे 1 लाख से अधिक की आबादी त्राहिमाम कर रही है।

लाखों हेक्टेयर में लगी फसल भी बर्बाद हो गई है। बक्सर में सबसे अधिक 4 गुना अधिक पानी आ जाने से कई जगहों पर कटाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। गुरुवार को बक्सर में 1.04 लाख क्यूसेक पानी पहुंचा है जिससे अधिकारियों के होश उड़ गए हैं पटना शहर में पानी न पहुंचे इसके लिए सभी गेट बंद कर दिए गए हैं।