15 जनवरी तक परिमार्जन प्लस का निपटारा करने वाले अधिकारी पुरस्कृत होंगे
जजमेंट क्वालिटी की जांच को बनेगी माइक्रो मॉनिटरिंग टीम, टॉप पांच डीसीएलआर बढ़ाएंगे पिछड़े अधिकारियों की गति
सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता के कार्यों की हुई समीक्षा
पटना।। उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्यभर के भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के कार्यों की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक पूरी तरह परिणाम आधारित रही, जिसमें लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए गए.

समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्देश दिया कि 15 जनवरी तक परिमार्जन प्लस के तहत लंबित सभी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने वाले अधिकारी पुरस्कृत किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सभी को 31 जनवरी तक दाखिल–खारिज के सभी लंबित मामलों का निपटारा करने का भी आदेश दिया गया है. इन मामलों के निपटारे से किसानों के कागजात अपडेट हो सकेंगे और वे विभिन्न सरकारी सुविधाओं से लाभान्वित हो पाएंगे.
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने सभी अधिकारियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि भूमि सुधार उप समाहर्ता विभाग की रीढ़ हैं और उनके पास पूरे अनुमंडल क्षेत्र की बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि न्यायालय संबंधी कार्यों में अधिकतम समय देने से ही राजस्व प्रशासन की स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है. उपमुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि उनके कार्यभार संभालने के बाद से लगातार हो रही समीक्षाओं का सकारात्मक असर कई अनुमंडलों में दिखाई देने लगा है. कई DCLR बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कुछ अनुमंडलों में अब भी अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है.
कार्य निष्पादन को गति देने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव सीके अनिल से कहा कि टॉप 5 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की एक विशेष टीम बनाई जाए, जो कमजोर प्रदर्शन वाले अनुमंडलों में जाकर तेज निष्पादन सुनिश्चित करेगी.

बैठक में निर्णयों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निष्पादन की हड़बड़ी में जैसे–तैसे लिए गए निर्णयों की शिकायतें जनकल्याण संवाद के दौरान सामने आ रहीं हैं. इसे देखते हुए विभाग स्तर पर एक माइक्रो मॉनिटरिंग टीम का गठन किया जा रहा है, जो जजमेंट की क्वालिटी की जांच करेगी. उन्होंने सभी अधिकारियों से बेहतर निर्णयों को आपस में साझा करने का आग्रह किया, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बढ़ सके.
भू माफियाओं को विभाग के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए सिन्हा ने कहा कि उनके खिलाफ बड़े स्तर पर सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है. उन्होंने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि जो जनहित में सही काम करेंगे, उनके साथ पूरा विभाग मजबूती से खड़ा रहेगा.
अधिकारियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सभी को अंचल गार्ड उपलब्ध कराने तथा सभी अंचल कार्यालयों, DCLR कार्यालयों एवं अपर समाहर्ता कार्यालयों को सीसीटीवी कैमरा से लैश करने का आदेश जारी किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि जो अधिकारी विभाग की प्रतिष्ठा बढ़ाएंगे, उनकी प्रतिष्ठा विभाग भी बढ़ाएगा. मार्च के बाद एक बार फिर सभी जिलों का दौरा कर सुधार की वास्तविकता का धरातल पर मूल्यांकन किया जाएगा.

इससे पूर्व प्रधान सचिव सीके अनिल और सचिव गोपाल मीणा ने बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व प्रशासन से जुड़े कार्यों के निष्पादन में शिथिलता अब किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी. बैठक के एजेंडा के तहत परिमार्जन प्लस, दाखिल–खारिज एवं अपीलवाद के लंबित मामले (अभिलेख सहित), बिहार भूमि-विवाद निवारण अधिनियम, 2009 के अंतर्गत लंबित वाद, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तथा राजस्व कर्मियों के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण से जुड़े बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई. इस दौरान हरेक अधिकारी की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा कर सुधार के निर्देश दिए गए.
प्रधान सचिव ने सख्त लहजे में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लैंड बैंक बनाना है. ऐसे में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में ढिलाई गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जाएगी. उन्होंने निर्देशित किया कि अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों की नियमित मॉनिटरिंग हो और कार्यों में रुचि नहीं लेने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई करें.
समीक्षा बैठक में विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, उप निदेशक मोना झा, आईटी मैनेजर आनंद शंकर सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे.
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