अब मिलेंगे कम प्रदूषण वाले पटाखे-स्वास, सफल और स्टार

सीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने कम प्रदूषण फैलाने वाले ऐसे पटाखे विकसित किये हैं जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं बल्कि परम्परागत पटाखों की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत सस्ते हैं. केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी.

इन पटाखों को सेफ वॉटर रिलीजर (स्वास), सेफ मिनिमल एल्युमिनियम (सफल) और सेफ थर्माइट क्रैकर (स्टार) नाम दिया गया है.

यह जानकारी देते हुए कि भारतीय पटाखा उद्योग की कुल वार्षिक बिक्री 6,000 करोड़ रुपये है और यह 5 लाख से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्रदान करता है, डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सीएसआईआर के इस प्रयास का उद्देश्य प्रदूषण से जुड़ी चिन्ताओं को दूर करने के साथ ही इस व्यापार में लगे लोगों की आजीविका की रक्षा करना है.

डॉ. हर्षवर्धन ने पटाखों में और सुधार करने के लिए उठाए गये अऩेक कदमों की जानकारी दी. भारत में पहली बार सीएसआईआर-एनईईआरआई में उत्सर्जन परीक्षण सुविधा स्थापित की गई है और उत्सर्जन तथा आवाज की निगरानी के लिए परम्परागत और हरित पटाखों का विस्तृत परीक्षण चल रहा है.