सर्दी शुरू हो गई क्या …

कहते हैं कि एक तस्वीर सबकुछ बयान कर देती है …इन तस्वीरों को देखिये और कुछ सोचिए ..अगर आप कुछ लिखना चाहते है ..कविता .गीत या कोई रिपोर्ट तो हमें भेजें . छायाकार अमित मिश्रा ने अपने कैमरे में बुलबुल को कैद किया है .साथ ही हरिवंश राय बच्चन की कविता कुछ ऐसा कहती है …

patnanow




यही श्यामल नभ का संदेश
रहा जो तारों के संग झूम,
यही उज्ज्वल शशि का संदेश
रहा जो भू के कण-कण चूम,
यही मलयानिल का संदेश
रहे जिससे पल्लव-दल डोल,
यही कलि-कुसुमों का संदेश
रहे जो गाँठ सुरभि की खोल,
यही ले-ले उठतीं संदेश
सलिल की सहज हिलोरें लोल;
प्रकृति की प्रतिनिधि बनकर आज
रही बुलबुल डालों पर बोल !

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