कई और राज खुले, पिछले 5 साल की नियुक्तियों की भी होगी जांच

सचिवालय सहायक और MVI की परीक्षाएं भी संदेह के घेरे में

परमेश्वर राम के घर से मिले पिछली परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज

पटना हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर

BSSC पेपर लीक की CBI जांच कराने की मांग

बिहार SSC PT  पेपर लीक मामले में जैसे-जैसे SIT की तफ्तीश बढ़ रही है, कई नई बातें और पुराने राज सामने आ रहे हैं. गुरुवार को SIT ने कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्हें इस मामले में सीधे-सीधे लिप्त पाया गया है. इनमें से एक आयोग का पूर्व सदस्य बताया जा रहा है. पुलिस पूछताछ में इन लोगों ने कई राज उगले हैं, जिनसे पुलिस को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. इधर देर रात SIT ने पटना के पाटलिपुत्र में छापेमारी की. सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है और कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं.




इन सबके बीच सरकार ने परमेश्वर राम को सचिव के पद से निलंबित कर दिया है. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) परमेश्वर राम की संपति की जांच करेगी.

गुरुवार को गिरफ्तार लोगों में एक बीएसएससी का पूर्व सदस्य रामशीष सिंह है. इसके अलावा नितिन, कौशल किशोर, रामसुमेर, रामेश्वर और आलोक को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में SIT को  कई सुराग मिले हैं. मामले की जांच के लिए बिहार से बाहर भी SIT की टीम जाएगी. SSP मनु महाराज ने बताया कि इस परीक्षा में सेटिंग के जरिए परीक्षार्थयों को 6-6 लाख में सरकारी नौकरी दिलाने का दावा किया गया था. जानकारी के मुताबिक BSSC के द्वारा की गई पिछले 5 सालों की नियुक्तियों में जमकर धांधली हुई है, जिनके सबूत कई डायरी और दस्तावेजों से SIT को मिले हैं.

सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार परमेश्वर राम ने खुलासा किया है कि आयोग ने पिछले 5 सालों में जितनी भी नियुक्तियां की हैं, सभी में भयंकर गड़बड़ियां हुई हैं. अरबों रूपये की उगाही हुई है और सैकड़ों बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के सगे-सम्बधियों की बहाली की गई है. जिन परीक्षाओं में ज्यादा गड़बड़ियां हुई हैं, उनमें एमवीआई और सचिवालय सहायक प्रमुख हैं. इसके अलावा इंजीनियर्स बहाली को हाई कोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है.