तो क्या सुधीर कुमार ही हैं मास्टरमाइंड!

पेपर लीक मामले में बिहार SSC के अध्यक्ष सुधीर कुमार गिरफ्तार 
सुधीर कुमार के साथ उनके भाई, भाई की पत्नी, भांजा और एक अन्य भी गिरफ्तार
सुधीर कुमार समेत सभी न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल
सुधीर कुमार के भाई, भाई की पत्नी, भांजा आशीष और सज्जाद को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
अब तक कुल 32 लोगों की हुई है गिरफ्तारी- SSP
इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस से SIT को मिली तफ्तीश में मदद

बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद अब यही सवाल सबकी जुबां पर है. क्या सुधीर कुमार ही हैं असली खिलाड़ी या फिर हर बार की तरह इस बार भी असली खिलाड़ी बच निकलेगा. पहले सचिव और उनके सहयोगी और अब आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी से ये साफ हो गया है कि किस तरह बिहार कर्मचारी चयन आयोग लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा था. जिम्मेदार लोग भ्रष्ट तरीके अपनाकर परीक्षा के साथ पूरी बहाली प्रक्रिया का मजाक बनाते रहे. ना जाने कब से ये खेल चल रहा था. फिलहाल पेपर लीक मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इंटर लेवल पीटी परीक्षा में हुए घालमेल का खुलासा कर रही है. इसके बारे में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने गुजरात जाकर उस प्रिटिंग प्रेस के मालिक विनीत कुमार को गिरफ्तार किया जहां इस बार इंटर लेवल परीक्षा के प्रश्न पत्र छापे गए थे.




विनीत से मिले क्लू और फिर परमेश्वर, सुधीर कुमार और अन्य के बीच लगातार फोन पर बातचीत से ये साफ हो गया कि ये लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे.

इधर हजारीबाग से गिरफ्तार सुधीर कुमार के भांजे आशीष ने  खुलासा किया कि उसे प्रश्न पत्र हजारीबाग में उसके नाना यानि सुधीर कुमार के पिता ने दिए थे. पुलिस को जानकारी मिली कि सुधीर कुमार के 4 रिश्तेदार भी इस परीक्षा में शामिल हो रहे थे और उनके लिए प्रश्न पत्र और उत्तर पहले ही उपलब्ध करा दिए गए थे.

शु्क्रवार को पुलिस ने आशीष और विनीत को मीडिया के सामने भी पेश किया और कहा कि इन्हीं दोनोें के इर्द-गिर्द सारी कहानी रची गई.  SSP मनु महाराज ने बताया कि आशीष के पास प्रश्न पत्र पहुंचने के बाद उसे कई अन्य जगहों पर शेयर किया गया. जहां से दलालों के जरिए छात्रों से प्रति छात्र 6 लाख रुपए लिए गए थे.

इन सबके बीच एक और बड़ा खुलासा भी चर्चा में है.  पुलिस को इस मामले की जांच के दौरान ये भी पता चला कि परीक्षा से जुड़े एक खास व्यक्ति से लालकेश्वर(इंटर घोटाले के आरोपित) भी संपर्क में थे.

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