किसने लहराया आज़ादी की पहली सुबह तिरंगा

15 अगस्त,1947 को गांधी मैदान में किसने लहराया राष्ट्रीय ध्वज

आज़ादी के समय बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में श्रीकृष्ण सिंह सत्ता में थे और कांग्रेस के अध्यक्ष महामाया प्रसाद सिन्हा थे. स्वाधीनता की पहली सुबह झंडा कौन फहराये इस पर जोरदार बहस उस वक़्त के बिहार के राजनीतिक हलकों में हुई.
उस समय के बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष महामाया प्रसाद सिन्हा ने रात़ो रात गांधी मैदान मे झंडा चबूतरे का निर्माण कराया.उनका तर्क था कि आजादी कांग्रेस ने दिलाई इसलिए आजादी के पहले झंडोत्तोलन का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष को है,और हुआ भी वही. उनके द्वारा निर्मित चबूतरे पर ही आज तक झंडा फहराया जा रहा है और उसी स्थल से नेतागण भाषण भी देते रहे हैं.
गांधी मैदान के दक्षिणी गेट के पास हीं एक बोर्ड पर गांधी मैदान का संक्षिप्त इतिहास लिखा था जिसमें मुख्य रूप से इस पूरे प्रक्रम का जिक्र था, पता नहीं अब वो बोर्ड है भी की नहीं?
कहते हैं कि उस समय के मुख्यमंत्री डा. श्रीकृष्ण सिहं ने दानापुर कैंटोनमेंट में झंडा फहराया. दोनो मे विवाद चरम सीमा पर पहुँच गया. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अगले चुनाव मे डा. सिंह ने महामाया बाबू का भारी विरोध किया, और महामाया बाबू अध्यक्ष नहीं चुने जा सके. इसी कारण जब जय प्रकाश बाबू ने सोशलिस्ट पार्टी बनाई त़ो वे उनकी पार्टी मे चले गये. बाद में महामाया बाबू 1967 में मुख्यमंत्री भी हुए. उन्हें जायंट किलर भी कहा जाता था. अपने प्रतिद्वंद्वी कई राजनीतिक दिग्गजो को उन्होंने चुनौती देकर हराया.




आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट