बिहार में 7वें वेतनमान पर कैबिनेट की मुहर

बिहार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए अच्छी खबर है. बिहार कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अपनी मुहर लगा दी है. आज कैबिनेट की बैठक में कुल 19 एजेंडों को कैबिनेट ने हरी झंडी दी.




इससे पहले रविवार को सातवें वेतनमान आयोग ने CM को रिपोर्ट सौंपी थी. इसपर मुहर लगने के बाद बिहार के करीब 4.5 लाख कर्मियों और करीब 3.5 लाख पेंशनधारियों के वेतन व पेंशन में बढ़ोतरी हो जाएगी. माना जा रहा है कि वेतन में करीब 15 से 20 फीसदी तक वृद्धि होगी औऱ इससे सरकारी खजाने पर 5 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा.
एक अप्रैल 2017 से लागू होने वाले इस वेतनमान से राज्यकर्मियों और पेंशनभोगियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान ही वेतन मिलेगा. जानकारी के मुताबिक इस फैसले से राज्य के कर्मचारियों का मौजूदा बेसिक वेतन बढ़ कर 2.57 गुना हो जायेगा.

सरकार ने वेतन के अलावा ग्रैच्यूटि की सीमा भी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी है. हालांकि हाउसिंग और मेडिकल अलाउंस में बढ़ोतरी पर अभी निर्णय नहीं हो पाया है.

क्या होगा नियोजित शिक्षकों का-

सीएम की घोषणा के मुताबिक नियोजित शिक्षकों को भी सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा. माना जा रहा है कि औसतन 2 से 3.5 हजार की वृद्धि नियोजित शिक्षकों के वेतन में होगी. राज्य वेतन आयोग से अलग इसपर बिहार के शिक्षा विभाग की सेवाशर्त कमिटी की अनुशंसा पर राज्य मंत्रिमंडल ने इसपर भी मुहर लगा दी है.  लेकिन इनके लिए दिल्ली अभी दूर है. जानकारों की मानें तो अगले कुछ दिनों में नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त और अन्य मांगों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय होना है. इसके बाद ही नियोजित शिक्षकों को नए वेतनमान का लाभ मिल पाएगा.