अवैध रूप से संचालित 31 पैथोलॉजिकल लैब को किया गया बन्द

आरा/भोजपुर (पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट) | अवैध रूप से संचालित 31 पैथोलॉजिकल लैब को  बंद किया गया हैं. इस आशय की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन एच एल झा ने बतलाया कि क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन एक्ट 2010 एवं नियम 2012 /18 के प्रावधानों के विरुद्ध संचालित जांच घर को अवैध घोषित करते हुए उसे बंद करने का निर्देश दिया गया है. विदित हो कि इस मामले की सुनवाई कोर्ट में सी डब्ल्यू जे सी नंबर 20444 /2014 के रूप में इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ पैथोलॉजिस्ट्स एवं माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स बिहार चैप्टर्स बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में 9 दिसंबर को सुनवाई के क्रम में अवैध रूप से संचालित जांच केंद्रों को बंद करने का निर्देश दिया गया है. तदनुसार कोर्ट द्वारा निर्गत आदेश के अनुपालन में संबंधित जांच केंद्रों को अवैध घोषित करते हुए बंद करने का निर्देश दिया गया है. अवैध रूप से संचालित एवं बंद किए गए जांच केंद्रों की सूची निम्नवत है-
ओम लैब, महावीर टोला आरा
मोइन जांच घर, महावीर टोला
पूनम जांच घर शहीद भवन आरा
प्रकाश जांच घर, महावीर टोला
आदर्श जांच घर, महावीर टोला
जीएनसी जांच घर, महावीर टोला
न्यूनेशनल जांच घर, महावीर टोला
क्लीनिक केयर जांच घर, महावीर टोला
हिंदुस्तान जांच घर, सदर अस्पताल रोड आरा
आर्यन जांच घर, अपूर्वा टावर आरा
भारत जांच घर, शीतल टोला आरा
बालाजी हेल्थ सेंटर, नवादा
संजीवनी जांच घर गोढनारोड
आरके जांच घर, कतीरा आरा
कुमार जांच घर, बनाही रोड, शाहपुर
भास्कर जांच घर, शाहपुर
यूनिक डायग्नोस्टिक सेंटर, शाहपुर
हिंदुस्तान जांच घर, कोईलवर
देव जांच घर, कोइलवर
पूजा जांच घर, कोइलवर
भोजपुर क्लीनिक एवं जांच घर, सहार
एडवांस पैथोलॉजी लैबोरेट्री, जगदीशपुर
दयाल एक्सरे पैथोलॉजी, जगदीशपुर
आधुनिक जांच घर, डाकबंगला रोड, बिहिया
पॉपुलर जांच घर, डाकबंगला रोड, बिहिया
प्रोलिपिक जांच घर, महावीर स्थान, बिहिया
बबलू जांच घर, अगिआंव
एडवांस जांच घर, पीरो
चांदनी जांच घर, हसन बाजार।
उपकार जांच घर, अगिआंव बाज़ार
मॉडर्न जांच घर, पीरो
सिविल सर्जन ने संबंधित जांच घर को नोटिस निर्गत करते हुए निर्धारित मापदंड के अनुरूप कागजात समर्पित करने हेतु निर्देशित किया गया था. किंतु संबंधित जांच घर द्वारा आवश्यक कागजात समर्पित नहीं करने की स्थिति में वैसे जांच घर को अवैध घोषित करते हुए बंद करने का निर्देश दिया गया है. सिविल सर्जन ने कहा है कि यदि उक्त संस्थान अवैध रूप से संचालित होते पाए जाएंगे तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.