भिखारी ठाकुर हैं लोकनाट्य परंपरा के अग्रदूत

जन्मदिन पर भिखारी ठाकुर को दी गई स्वरांजलि

गीतों और नाटकों के माध्यम से लोक जागरण किया




 पिया गइले कोलकातवा ए सजनी जैसे गीत बहुचर्चित

याद किए गए भिखारी ठाकुर

सामयिक परिवेश की ममता मेहरोत्रा पुष्पांजलि आर्पित करते

सांस्कृतिक संस्था विहार कला मंच, सामयिक परिवेश तथा नवगीतिका लोक रसधार द्वारा पटना के गोसाईं टोला में आयोजित कार्यक्रम में भोजपुरी के प्रसिद्ध कवि, नाटककार और रंगकर्मी भिखारी ठाकुर को उनके जन्मदिन पर स्वरांजलि दी गई. कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखिका और शिक्षाविद ममता मेहरोत्रा, बिहार आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ अजय पांडे, वरिष्ठ कवि आलोक धन्वा, चर्चित चित्रकार मनोज कुमार बच्चन, वीरेंद्र कुमार सिंह, प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत, सामयिक परिवेश की विभा सिंह, चर्चित लोक गायक सत्येंद्र कुमार संगीत, मुन्ना कुमार सिंह, दिव्या यादव, एडवोकेट अनिता सिंह, माधुरी गुप्ता, एम के सिंह सहित अनेक लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करके लोक कवि भिखारी ठाकुर को याद किया . कार्यक्रम में मनोज कुमार बच्चन ने  कहा कि भिखारी ठाकुर अपने समय के मजबूत हस्ताक्षर रहे। उन्होंने  अपने गीतों और नाटकों के माध्यम से लोक जागरण का काम किया.

नीतू कुमारी नवगीत और प्रसिद्ध कवि आलोक धन्वा
गायिका नीतू कुमारी नवगीत

वरिष्ठ लेखिका ममता मेहरोत्रा ने कहा कि बहुआयामी प्रतिभा के धनी भिखारी ठाकुर ने नाटकों के माध्यम से समतावादी समाज की स्थापना के लिए पहल की थी . बिदेसिया और गबरघिचोर जैसे नाटक समाज को आईना दिखाते हैं . कम पढ़े लिखे होने के बावजूद उन्होंने दमित और उपेक्षित लोगों की आवाज बनने का काम किया . मौके पर नीतू कुमारी नवगीत ने भिखारी ठाकुर द्वारा लिखित अनेक गीतों की प्रस्तुति की . नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सीमित लोगों की उपस्थिति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया .उन्होंने डगरिया जोहत ना, बारहमासा गीत, जगसारी गीत, विवाह गीत चलनी के चालल  दूल्हा सूप के फटकारल हो, प्यारी सुंदरी का विलाप गीत पिया के मतिया हेराइल हो राम, पिया गइले कोलकातवा ए सजनी सहित अनेक गीत गाकर उपस्थित श्रोताओं को झुमाया . कार्यक्रम में भोला कुमार ने नाल पर, राकेश कुमार ने हारमोनियम पर, सोनल कुमार ने पैड पर और अमरेंद्र कुमार ने बैंजो पर लोक गायिका नीतू नवगीत का साथ दिया.

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