सभी तरह की मछलियों की ब्रिकी पर लगा प्रतिबंध हटा

14 जनवरी से बिहार सरकार द्वारा 15 दिनों के लिए सभी तरह की मछलियों की ब्रिकी पर लगाया गया प्रतिबंध हटा
पहले लोकल मछलियों की ब्रिकी की मिली थी इजाजत, मछली विक्रेता संघ के विरोध के बाद का था ये फैसला

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | 14 जनवरी को पटना में मछलियों की बिक्री पर 15 दिनों के लिए लगा प्रतिबंध हटा लिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि बुधवार से पटना एवं बिहार में हर तरह की मछलियों पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए है.
ज्ञातव्य है बाहर से आयात की जाने वाली मछलियों फोर्मलिन व अन्य केमिकल के पाये जाने की खबर के बाद बिहार सरकार ने पटना में इसकी बिक्री पर रोक लगा दी थी. 14 जनवरी को पटना नगर निगम क्षेत्र में लोकल और बाहरी दोनों तरह की मछलियों की बिक्री और भंडारण पर सरकार ने रोक लगा दी थी. मछलियों में मानक से अधिक फॉर्मलीन, कैडमियम, लेड और मरकरी की मात्रा पाए जाने पर सरकार ने ये कदम उठाया था. मछली विक्रेता संघ के विरोध के बाद सरकार ने 4 दिनों बाद लोकल मछलियों की बिक्री से प्रतिबंध हटा लिया था. परन्तु आंध्र से आने वाली मछलियों पर बिहार में रोक बरकरार थी.




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बिहार में मछली बैन के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बिहार सरकार को एक पत्र लिखा था और मछलियों में फॉर्मलीन नहीं होने की बात कही थी. इस पर बिहार सरकार की तरफ से चीफ सेक्रेट्री की अगुवाई में एक कमेटी बनाई गई थी और उसे जांच के लिए आंध्र प्रदेश भेजा गया. आंध्र प्रदेश गई उच्चस्तरीय जांच टीम अभी विजयवाड़ा में है. इस टीम में पशुपालन विभाग की सचिव एन विजय लक्ष्मी, निदेशक फिशरीज निशात अहमद, जिला मत्स्य पालन पदाधिकारी विपिन कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार शामिल हैं. इस टीम ने स्थानीय फूड ऑफिसर के साथ मिलकर मछलियों की जांच की और सरकार को रिपोर्ट सौंपी. जाँच में सही रिपोर्ट के आधार पर अब बिहार सरकार ने बुधवार से आंध्र की मछलियों की बिक्री पर से रोक हटाने का फैसला किया है.