बचिए इस साइलेंट किलर से

जीवनशैली में बदलाव के कारण लोग हो रहे डायबिटीज के मरीज
नियमित व्यायाम को बनायें अपनी दिनचर्या का हिस्सा
आरा, 13 मई- मधुमेह यानि डायबिटीज आज के लोगों में आम तौर पर पायी जानी वाली स्वास्थ्य समस्या है. इसे “साइलेंट किलर” रोग के नाम से भी जाना जाता है. जीवन शैली में बदलाव व उचित आहार व्यवहार में कमी के कारण यह बीमारी लोगों को अपनी चपेट में लेती है. कोरोना के समय में शुगर रोग से ग्रसित रोगियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है. खासकर डायबिटीज रोगियों को अपने खानपान व आहार व्यवहार में समन्वय स्थापित करने की जरूरत है. इसे लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है.


क्या है डायबिटीज
डायबिटीज मेटाबोलिक बीमारियों का समूह है. जिसमें खून में ब्लड शुगर या ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक होता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करती हैं. डायबिटीज में मरीज को बार-बार प्यास लगना, भूख ज्यादा महसूस होना और बार-बार पेशाब लगने की शिकायत होती है.





डायबिटीज भी तीन प्रकार के होते हैं,-
टाइप 1 डायबिटीज, टाइप 2 डायबिटीज और गैस्टेशनल डायबिटीज । गैस्टेशनल डायबिटीज सामान्यतः गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को होती है।


डायबिटीज के कारण
डायबिटीज होने के बहुत से कारण होते हैं. उनमें सबसे बड़ा कारण है शरीर का वजन अधिक होना. कई बार हाई ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना भी डायबिटीज का कारण होता है. गर्भावस्था में महिलाओं को डायबिटीज का शिकार होना बच्चे के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसके अलावा उम्र अधिक होना, फैमिली हिस्ट्री और दिल के मरीजों को डायबिटीज होने की संभावना अधिक होती है.


डायबिटीज से को कैसे करें काबू-
डायबिटीज के मरीज अपनी जीवनशैली में बदलाव कर बीमारी पर काबू पा सकते हैं. एक दिन में कम से कम 30-45 मिनट का व्यायाम इस बीमारी से बचा सकती है. खानपान में फल, अनाज और सब्जियां का सेवन करें और कभी भी खाली पेट नहीं रहें. इसके अलावा वजन पर नियंत्रण करना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव मुक्त जीवनशैली आपको मधुमेह से दूर रखेगा.
हरी पत्तेदार सब्ज़ी व अंकुरित अनाज़ का करें सेवन,-
डायबिटीज के मरीज हरी पत्तेवाली सब्जियां, सलाद और अंकुरित अनाज खाएं. रात में खाना जल्दी खाएं और डिनर के बाद टोन्ड दूध जरूर पीयें. हमेशा कम चीनी या बिना चीनी की चाय पीयें. दिन के खाना में दही या छाछ ले सकते हैं। सुबह खाली पेट मेथी के दाने का पानी भी लाभदायी होगा. रोज व्यायाम करें और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें.


अस्पतालों में शुगर जांच की सुविधा
जिला के सभी प्रखंड अस्पतालों में डायबिटीज रोगियों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है. डायबिटिक जांच की निशुल्क व्यवस्था है. जरूरत पड़ने पर डायबिटीज रोगी निकट के सरकारी अस्पताल में संपर्क कर सकते हैं जहाँ उन्हें समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती है.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट