आरा में भी चोटीकटवा का आतंक

भोजपुर पहुँचा चोटिकटवा का आतंक
हर घर में टंगी नीम की पत्तियां
महिला की चोटी कटने से दहशत में महिलाएं
मुखिया ने कहा दलित के साथ हो रहा है भेद-भाव

हरियाणा से चालू हुआ चोटिकटवा का आतंक बिहार में 2 दिन पहले पहुँचा था. बक्सर और राजधानी के बाद अब यह दहशत अंग्रेजों के दाँत खट्टे करने वाले जिले में अपनी पाँव रख चुका है. इस घटना को लेकर कोई अफवाहों की बात कहता है तो कोई इसे अपने आप द्वारा किया गया एक पॉपुलर होने का एक षड्यंत्र. अब भोजपुर में इस घटना के आते ही एक नई बात ने चर्चा छेड़ दिया है कि ये दलित के साथ भेद-भाव की घटना है.




इधर गाँव का आलम ये है की जिस गाँव में ये घटना हो रही है उस गाँव की महिलाए रात रात भर सो नहीं रही हैं और अन्धविश्वाश इस कदर कायम है की महिलायें अपने अपने घरों के गेट पर नीम का पत्ता टांग रही हैं. ऐसा ही नजारा भोजपुर जिले के बिहिया थाना छेत्र के अमराई नवादा गाँव में देखने को मिला जहां एक महिला जब सो कर उठी तो उसके बाल काटे हुए थे,जैसे ही महिला ने ये देखा की उसके बाल कटे हुए हैं वो बेहोश हो गई और शुरु हो गया झाड़ फूँकं का खेल.

ग्रामीण महिला को आनन् फानन में एक तांत्रिक के पास ले गए जहाँ तांत्रिक के द्वारा झाड फूंक किया गया. इस गाँव में आज दहशत का आलम ये है की हर घर पर तांत्रिक के कहने पर नीम का पत्ता टांगा हुआ है और महिलाए डर के कारण घर से बाहर नहीं निकल रही हैं. जिस महिला का बाल काटा गया है वो बेहोश है और उसको इलाज के लिए ग्रामीण आरा के सदर अस्पताल लाये हैं. इस घटना को लेकर एक पुजारी ने इस घटना को भ्रामक बताया है. जबकि स्थानीय लोगों के द्वारा मनगढ़ंत बात कही जा रही है. इस पुरे घटना पर दोघरा पंचायत के मुखिया पति ने दलित के साथ इलाज में भेद भाव का भी आरोप लगाया है.पुजारी के द्वारा इलाज नहीं किये जाने पर दलितों में आक्रोश व्याप्त है.

आरा से ओपी पांडे