छेड़खानी के आरोपी प्राचार्य को SP के पास ले जाने से थानेदार ने रोका

भोजपुर जिले के बिहियाँ थाना क्षेत्र के घाघा उत्क्रमित मध्य विद्यालय की शिक्षिका के साथ स्कूल के प्राचार्य गुप्तेश्वर राम द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद गुस्साएं लोगों ने मनचले प्रचार्य की जमकर धुनाई कर दी. कथित छेड़खानी का प्रयास करने के मामले में जबरन स्कार्पियो पर बैठा कर आरा एसपी के पास ले जा रहे घाघा मुखिया, कमता यादव की बिहिया पुलिस ने गाड़ी रुकवाकर जमकर पिटाई कर दी. मुखिया कमता यादव फिलहाल स्थानीय थाना में बंद है. जमकर धुनें गए प्राचार्य बिहियाँ के वर्तमान थानेदार के ससुर बताये जा रहे हैं. जैसे ही इस घटना की खबर थानेदार को मिली उसने उस पंचायत के मुखिया को दल-बल के साथ गिरफ्तार कर थाने में बंद कर दिया और अपने ससुर के घावों का बदला थानेदार ने मुखिया को हाजत में बंद कर दी.




उनकी गिरफ्तारी होने से मुखिया संघ लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है और बिहिया थाना पर पहुंचकर घेराव किया. उनका आरोप था कि प्रचार्य ने एक महिला से छेड़खानी करने का प्रयास किया जिसकी शिकायत करने SP के पास ले जाने के दौरान मामला उजागर ना हो इसके लिए मुखिया के साथ मारपीट की गई. और जबरन गाड़ी रुकवा लिया गया.

हफ्ते भर पहले का है मामला

मामला सप्ताह भर पहले का है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय घाघा के प्राचार्य गुप्तेश्वर राम ने गांव के एक युवक सुजीत कुमार पर जातिसूचक शब्द का प्रयोग करने एवं दुर्व्यवहार करने के खिलाफ FIR दर्ज कराया था. सूत्रों की माने तो इस कड़ी में सोमवार को अचानक से नया मोड़ आया और घाघा के मुखिया द्वारा स्थानीय पुलिस में सुनवाई ना होते देख प्राचार्य गुप्तेश्वर राम की कथित पिटाई करते हुए जबरन गाड़ी में बैठाकर भोजपुर SP के पास शिकायत के लिए आरा की तरफ ले जाने लगे. तभी इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को लगी. थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने तत्काल गाड़ी को चारों तरफ से घेरवाकर रुकवा लिया और गा़ड़ी से उतारकर आरक्षियों ने मुखिया की लाठी डंडे से जमकर पिटाई कर दी. इतना ही नहीं गाड़ी से उतारकर मुखिया की पिटाई का वीडियो भी वायरल हुआ. इस मामले को लेकर स्थानीय मुखिया संघ में आक्रोश देखा जा रहा है.
इधर प्रचार्य के रिश्तेदारों का कहना है कि मुखिया कमता यादव ने भी उनके साथ पिटाई की और उनका अपहरण कर ले जा रहे थे. बहरहाल स्थानीय पुलिस द्वारा एक मुखिया की पिटाई का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. घटना की सच्चाई जानने के बाद मुखिया संघ ने थानेदार द्वारा अपने रिश्तेदार की गलती के बाद उसे दण्डित और गिरफ्तार करने की जगह वर्दी और कानून के दुरूपयोग विरोध में आवाज उठाया है. समाचार संकलन तक बिहिया थाना का मुखिया संघ के लोगों ने घेराव किया था.

प्रधानाध्यापक के समर्थन में उतरे शिक्षक

उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्राचार्य गुप्तेश्वर राम के समर्थन में शिक्षक भी उत्तर आए हैं जिससे मामला काफी पेचीदा हो गया है प्रचार के समर्थन में उतरे शिक्षकों ने कहा कि मुखिया के लोगों ने प्रचार्य की जमकर पिटाई की.

मुखिया संघ ने थानाध्यक्ष पर मुखिया को हिरासत में लेकर पिटाई करने का आरोप लगाया है. अब देखना यह होगा कि कानून को हाथ में लेकर थानेदार द्वारा ससुर को बचाने की कोशिश सफल हो पाती है या दुराचार का आरोपी प्राचार्य कानून के हत्थे चढ़ता है. साथ ही कानून का गलत उपयोग करने वाले थानेदार पर गाज गिरती है या नहीं

 

आरा से ओपी पांडे