सीमा पर जवान बांधेंगे बच्चों की बनाई राखियां

छोटे बच्चों ने बनाई 200 राखियां

सिक्किम के जवानों को भेजी जाएंगी राखियां




रक्षाबंधन भारत में मनाया जाने वाला रिश्तों के अटूट बंधन का ऐसा त्यौहार है जहाँ जाति का बंधन नहीं होता है. इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं जहाँ बहनों ने भाई की कलाई पर उसकी रक्षा के लिए राखी बाँधा तो भाईयो ने भी उन बहनों के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी. पूरे भारत में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन इस पर्व पर हमारी देश की सरहदों की रक्षा करने वाले सिपाही इस पर्व को नहीं मना पाते हैं. आरा संभावना स्कूल के जूनियर शाखा में पढ़ने वाले बच्चों ने पिछले एक सप्ताह में राखी बनाने की एक कार्यशाला में 200 राखियों को तैयार किया.

राखी बनाने का प्रशिक्षण विष्णु प्रसाद और संजीव सिन्हा ने दिया. कार्यशाला के समापन के दिन कर्नल विनोद जोशी को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाकर इन राखियों को देश के सैनिकों के लिए विद्यालय की प्राचार्या अर्चना सिंह और प्रबंधक द्विजेन्द्र किरण ने सुपुर्द किया. कर्नल विनोद जोशी ने बताया कि ये राखियां सिक्किम के दोखलंग सेक्टर के ‘हा’ में BDE के तीन यूनिटों के जवानों को भेजी जायेंगी. कर्नल जोशी बच्चों द्वारा इस राखी को पाकर भावुक हो गए और उन्होंने सबको बधाई दी.

 

आरा से ओपी पांडे