रंगमंच के कलाकारों ने विदेशी मेहमान माइकल येलो को दिखाई बिहार की होली

आरा, 3 मार्च। गोढ़ना रोड स्थित Centre of Resilience परिसर में सोमवार की शाम को रंग, राग और रिश्तों का अनोखा संगम देखने को मिला। रंगमंच आरा और Centre of Resilience के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होली मिलन 2026 ने यह साबित कर दिया कि फागुन सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का उत्सव है।


कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक फाग गीतों से हुई और देखते ही देखते पूरा परिसर रंगमय हो उठा। राजा बसंत बहार, मनोज मीत यादव, पारले जी, अनूप सोनू, सुधीर शर्मा, बम ओझा और डॉ. मदन मोहन द्विवेदी सहित लोक कलाकारों ने “होली खेले नंदलाल”, “सियाराम खेले होली”,“बंगला में उड़ेला गुलाल” और “रंग बरसे” जैसे गीतों से ऐसा समां बांधा कि गोढ़ना रोड और आसपास का इलाका फागुन की मिठास से गूंज उठा। नाल वादक निराला जी और जे. पी. शर्मा की थाप ने महफिल में और जान डाल दी।


समारोह में शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें प्रशांत उपाध्याय, अनिल तिवारी, अशोक मानव, संजय पाल, अनिल सिंह, ओ. पी. पांडेय, करिश्मा सिंह(किट्टू), प्रशांत उपाध्याय, मंगलेश तिवारी, लव कुमार, बिपिन उपाध्याय, मनोज श्रीवास्तव, साहेब लाल यादव, आलोक कुमार टूटू, आलोक सिंह, बृज तोमर, अमित कुमार सिंह(डीपीओ नमामि गंगे) और नेमीचंद समेत कई लोग शामिल हुए।




इस आयोजन की विशेष आकर्षण रहे माइकल येलो, जो स्कॉटलैंड से आरा पहुंचे। अपने कुत्ते के साथ पैदल कई देशों की यात्रा कर चुके माइकल येलो ने यात्राओं के दौरान मिले सहयोग से विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण और छोटे-छोटे जंगल विकसित कराने का कार्य भी किया है। आरा की इस होली में वे भी ढोलक और फाग की थाप पर अबीर-गुलाल उड़ाते हुए भारतीय रंगोत्सव में पूरी तरह रंगे नजर आए।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और समाज में प्रेम व सौहार्द का संदेश फैलाने का सशक्त माध्यम हैं। होली मिलन 2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि रंगों का यह पर्व सीमाओं से परे, दिलों को जोड़ने वाला उत्सव है।
