कायस्थों को राजनैतिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की जरूरत – राजीव

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) |अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के बिहार प्रदेश कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक पटना के गेट टूगेदर हॉल में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ई.जे.के.दत्ता ने की. बैठक के दौरान उन्होंने संगठन के क्रियाकलापों एवं कार्यक्रमों का जायजा लिया एवं आवश्यक निर्देश दिए. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अभाकाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने दीप प्रज्जवलित कर की. बैठक को संबोधित करते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि पूरे देश के समस्त राजनैतिक दल जातीय आधार पर अपना समीकरण बना रहे है एवं उसी आधार पर विभिन्न लोकसभा एवं विधान सभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार तय कर रहे है. ऐसे में हमें जरूरत है अपने आप को एक अलग राजनैतिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की. कायस्थों को अपनी राजनैतिक विरासत एवं गरिमा को कायम रखने हेतु पूर्वजो के कमजोर एवं असम्पन्न वर्गों एवं जातियों (जैसे दलित मुसलमानों, आदिवासियों, अति पिछड़े अन्य वर्गों एवं जातियों) से अपना सामंजस्य बढ़ाकर, एक दूसरे के सुख-दुःख में शामिल होकर एवं उनके साथ अपनी एकजुटता कायम कर एक नए राजनैतिक शक्ति के रूप स्थापित होने की आवश्यकता है और हम सभी को इस दिशा में मिल कर कार्य करना होगा. कायस्थों को भी राजनैतिक रूप से गोलबंद करने की जरूरत है. आज राजनीति में कायस्थ जाति हाशिये पर जा रही है. प्रसाद ने संगठन के सदस्यों से आह्वान किया कि वे रेड क्रॉस सोसायटी के साथ सयुक्त रूप पहल कर रक्तदान शिविर को प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित करें. साथ ही प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों में आए बाढ़ कि विभीषिका से जूझ रहे लोगों को विभिन्न तरीके से सहायता पहुचाने का कार्य महासभा के द्वारा संचालित कराये जाएँ. प्रदेश अध्यक्ष जे. के. दत्त ने कहा कि अभाकाम के राष्ट्रीय कमिटी द्वारा लिए गए निर्णय का हम स्वागत करते है. बिहार के विभिन्न हिस्सों में आए बाढ़ की त्रासदी से पीड़ित लोगों के सहायता के लिए प्रदेश महासभा कटिबद्ध है उनकी हरेक प्रकार से सहायता एवं उन्हें राहत पहुचाने का कार्य महासभा द्वारा किया जाएगा. सभी जिला समितियों को निर्देश दिया गया है कि वो अपने – अपने जिलो में लोगों को संगठित कर बाढ़ राहत कार्य से जुड़े एवं पीड़ितों की हर संभव मदद करें प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश युवा संभाग के प्रदेश एवं जिला अध्यक्ष अपने स्तर से विधान सभा, प्रखंड एवं बूथ लेवल तक कमिटी के विस्तार में लगें. सभी जिला समितियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने – अपने जिलो में युवाओं में रोजगारपरक मार्गदर्शन हेतु करियर काउंसिलिंग की व्यवस्था करे. साथ ही समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के युवक – युवतियों के विवाह संपन्न कराने हेतु ठोस कार्यक्रम तय करे तथा दहेज़ रहित विवाह के लिए भी उन्हें प्रेरित करें.
प्रदेश प्रवक्ता अतुल आनन्द सन्नु ने जानकारी दी कि पूर्व आई.ए.एस. श्यामजी सहाय, प्रो.(डॉ.) श्याम देव प्रसाद एवं रवीश श्रीवास्तव को राष्ट्रीय कमिटी में उपाध्यक्ष एवं प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष प्रियरंजन के साथ-साथ राकेश चंद्र सिन्हा सिप्पू ,चेपोफ़ के अध्यक्ष अनूप कुमार एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा को पदोन्नत कर राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है.

बैठक में उपस्थित महासभा के परामर्श समिति के अध्यक्ष आनन्द बिहारी प्रसाद, प्रदेश महासचिव अपर्णा भारती, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. बी.एन.सिन्हा, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता अतुल आनंद सन्नू , महिला संभाग की अघ्यक्ष प्रतिमा कुमार, अधिवक्ता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संजय सिन्हा, रीना सिन्हा, धीरेन्द्र सिन्हा, वंदना सिन्हा ,बलिराम जी ,रवि सिन्हा, रागिनी रंजन, डॉ. शम्पा वर्मा, साकेत कुमार सिन्हा, रवि भूषण सहाय, संजय श्रीवास्तव, युवा संभाग के प्रदेश अध्यक्ष अनिमेष आनन्द, महासचिव विकेश आर्यन, उपाध्यक्ष, युवा संभाग के प्रदेश प्रवक्ता आशुतोष कुमार, युवा संभाग के प्रदेश सचिव प्रसून श्रीवास्तव, राजनैतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शशांक शेखर सिन्हा, डब्लू श्रीवास्तव, आशुतोष श्रीवास्तव एवं विभिन्न जिला से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किये.