आपदा प्रबंधन पर रोडमैप से होगा काम

आपदा जोखिम न्यूनीकरण की योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू होगा 

तीन साल की कार्ययोजना तैयार की जाएगी




 

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आपदा के दौरान नुकसान को कम करने के लिए राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ये  बातें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यासजी ने कही.उन्होंने इस कार्यशाला का उद्घाटन करने पश्चात लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को कुछ जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इन्हें ध्यान में रखते हुए तीन साल की कार्ययोजना तैयार की जाएगी.कार्यशाला का उद्देश्य प्राधिकरण के कार्यक्रमों की समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करना है, ताकि आपदा जोखिम न्यूनीकरण का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पूर्व सदस्य केएम सिंह ने आपदा के दौरान पशुधन की रक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया. कार्यशाला को असम के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव पीके तिवारी, यूनिसेफ के सरबजीत सिंह सहोता, राज्य औषधि पादप परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डाॅ. सत्येन्द्र, आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अनिरुद्ध कुमार, प्राधिकरण के वरीय सलाहकार अनुज तिवारी, संजय पांडेय आदि ने भी संबोधित किया. इस दौरान रेडक्राॅस, यूनिसेफ, रीसू, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के प्रतिनिधि भी मौजूद थे.