आज का पंचांग और आपका राशिफल (31.12.2017)

जय श्री महाकाल

आज का पञ्चाङ्ग एवं राशिफल

अथ पंचांगम्




*दिनाँक -: 31/12/2018,रविवार*
पौष , शुक्ल पक्ष
त्रयोदशी
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———-त्रयोदशी15:28:25 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र———–रोहिणी17:53:22
योग—————–शुभ14:03:59
करण————-तैतुल15:28:25
करण————–गरज25:37:54
वार—————————रविवार
माह——————————पौष
चन्द्र राशि——-वृषभ 28:24:18
चन्द्र राशि——————- मिथुन
सूर्य राशि————————-धनु
रितु निरयन———————हेमंत
रितु सायन——————–शिशिर
निरयन——————-दक्षिणायन
सायन———————उत्तरायण
संवत्सर———————हेम्लम्बी
संवत्सर (उत्तर)———–साधारण
विक्रम संवत—————–2074
विक्रम संवत (कर्तक)——-2074
शाका संवत——————1939

सूर्योदय—————–07:10:48
सूर्यास्त——————17:33:50
दिन काल—————10:23:01
रात्री काल————–13:37:15
चंद्रोदय——————16:01:28
चंद्रास्त——————29:58:17

लग्न–धनु 15°27′ , 255°27′

सूर्य नक्षत्र——————पूर्वाषाढा
चन्द्र नक्षत्र——————-रोहिणी
नक्षत्र पाया——————–लोहा
*पद, चरण*

वा—-रोहिणी 07:18:26

वी—-रोहिणी 12:36:29

वु—-रोहिणी 17:53:22

वे—-मृगशिरा 23:09:15

वो—-मृगशिरा 28:24:18

*ग्रह गोचर*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
=======================
सूर्य=धनु 15°27 ‘पू o षा o, 1 भू
चन्द्र=वृषभ 16 ° 31’ रोहिणी 2 वा
बुध=वृश्चिक 22 ° 38 ‘ ज्येष्ठा ‘2 या
शुक्र=धनु 13 ° 16’ मूल 4 भी
मंगल=तुला 19 ° 37 ‘स्वाति ‘4 ता
गुरु=तुला 22 ° 33 ‘ विशाखा , 1ती
शनि=धनु 07 ° 07’ मूल ‘3 भा
राहू=कर्क 22 ° 58 ‘आश्लेषा , 2 डू
केतु=मकर 22 ° 58 ‘ श्रवण, 4 खो

*शुभा$शुभ मुहूर्त*

राहू काल 16:16 – 17:34अशुभ
यम घंटा 12:22 – 13:40अशुभ
गुली काल 14:58 – 16:16अशुभ
अभिजित 12:02 -12:43शुभ
दूर मुहूर्त 16:11 – 16:52अशुभ

चोघडिया, दिन
उद्वेग 07:11 – 08:29अशुभ
चाल 08:29 – 09:47शुभ
लाभ 09:47 – 11:04शुभ
अमृत 11:04 – 12:22शुभ
काल 12:22 – 13:40अशुभ
शुभ 13:40 – 14:58शुभ
रोग 14:58 – 16:16अशुभ
उद्वेग 16:16 – 17:34अशुभ

चोघडिया, रात
शुभ 17:34 – 19:16शुभ
अमृत 19:16 – 20:58शुभ
चाल 20:58 – 22:40शुभ
रोग 22:40 – 24:22*अशुभ
काल 24:22* – 26:05*अशुभ
लाभ 26:05* – 27:47*शुभ
उद्वेग 27:47* – 29:29*अशुभ
शुभ 29:29* – 31:11*शुभ

होरा, दिन
सूर्य 07:11 – 08:03
शुक्र 08:03 – 08:55
बुध 08:55 – 09:47
चन्द्र 09:47 – 10:38
शनि 10:38 – 11:30
बृहस्पति 11:30 – 12:22
मंगल 12:22 – 13:14
सूर्य 13:14 – 14:06
शुक्र 14:06 – 14:58
बुध 14:58 – 15:50
चन्द्र 15:50 – 16:42
शनि 16:42 – 17:34

होरा, रात
बृहस्पति 17:34 – 18:42
मंगल 18:42 – 19:50
सूर्य 19:50 – 20:58
शुक्र 20:58 – 22:06
बुध 22:06 – 23:14
चन्द्र 23:14 – 24:22
शनि 24:22* – 25:31
बृहस्पति 25:31* – 26:39
मंगल 26:39* – 27:47
सूर्य 27:47* – 28:55
शुक्र 28:55* – 30:03
बुध 30:03* – 31:11

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*दिशा शूल ज्ञान——-पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा अखरोट खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

*अग्नि वास ज्ञान -:*

13 + 1 + 1= 15 ÷ 4 = 3शेष
पृथ्वीपर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*शिव वास एवं फल -:*

13 + 13 + 5 = 31÷ 7 = 3 शेष

वृषभा रूढ़ = शुभ कारक

*शुभ विचार*

प्रलये भिन्नमर्यादा भवन्ति किल सागराः ।
सागरा भेदमिच्छान्ति प्रलयेऽपि न साधवः ।।
।।चा o नी o।।

जब प्रलय का समय आता है तो समुद्र भी अपनी मयारदा छोड़कर किनारों को छोड़ अथवा तोड़ जाते है, लेकिन सज्जन पुरुष प्रलय के सामान भयंकर आपत्ति अवं विपत्ति में भी आपनी मर्यादा नहीं बदलते.

*सुभाषितानि*

गीता -: गुणत्रयविभाग योगअo-16

यदा सत्त्वे प्रवृद्धे तु प्रलयं याति देहभृत्‌ ।,
तदोत्तमविदां लोकानमलान्प्रतिपद्यते ॥,

जब यह मनुष्य सत्त्वगुण की वृद्धि में मृत्यु को प्राप्त होता है, तब तो उत्तम कर्म करने वालों के निर्मल दिव्य स्वर्गादि लोकों को प्राप्त होता है॥,14॥,

राशिफल

*दैनिक राशिफल*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत्।।

🐏मेष
शुभ समाचार मिलेंगे। स्वाभिमान बना रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद न करें।

🐂वृष
बेरोजगारी दूर होगी, प्रयास करें। अप्रत्याशित लाभ होगा। जोखिम न लें। शत्रुभय रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी।

👫मिथुन
फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। लेन-देन में सावधानी रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। कष्ट संभव है। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं।

🦀कर्क
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। भागदौड़ रहेगी। बकाया वसूली होगी। यात्रा सफल रहेगी। धनलाभ सुगम होगा। संतान की प्रगति संभव है।

🐅सिंह
आर्थिक नीति में परिवर्तन होगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। अस्वस्थता रहेगी। नई योजनाओं की शुरुआत होगी।

🙍🏻कन्या
पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ मिलेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य निबटेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। भूमि व संपत्ति संबंधी कार्य होंगे।

⚖तुला
चोट, चोरी व विवाद से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। पुराना रोग उभर सकता है, धैर्य रखें। सत्कार्य में रुचि बढ़ेगी।

🦂वृश्चिक
वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राज्यलाभ होगा।

🏹धनु
नेत्र पीड़ा संभव है। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। बेचैनी रहेगी। भूमिव व भवन के कार्य लाभ देंगे। उन्नति होगी।

🐊मकर
आज का भविष्य : स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रियजनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा।

🍯कुंभ
व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें। दु:खद समाचार मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है, धैर्य रखें। व्यावसायिक चिंताएं दूर होंगी।

🐟मीन
थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। कुसंगति से हानि होगी। कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
जय श्री महाकाल

साभार – पंडित श्री अजय दूबे

ज्योतिषाचार्य एवं वैदिक कर्मकांड आचार्य

महाकालेश्वर, उज्जैन

+918839926316 

By Nikhil

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