सारण और वैशाली में 22 हजार हेक्टेयर से ज्यादा इलाका बाढ़ की चपेट में
गंडक नदी का जलस्तर रेवाघाट (सारण) में अपने उच्चतम स्तर से 71 सेमी. तथा लालगंज (वैशाली) में 32 सेमी. घटा है, परंतु अभी भी खतरे के निशान से क्रमशः 0.56 मीटर और 2 मीटर ऊपर बना हुआ है.

बिहार सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों तटबंधों पर दबाव कुछ कम हुआ है तथा क्रिटिकल सीपेज/पाइपिंग में कमी आयी है. स्थिति सामान्य होने तक लगातार निगरानी की जा रही है. तटबंध के ब्रीच स्थलों पर पर्याप्त मटेरियल स्टॉक कर कट-एंड को प्रोटेक्ट करने तथा टैगिंग का काम किया जा रहा है.

सारण जिले के पानापुर एवं मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्त तटबंधों से फैला हुआ पानी पानापुर, करचौलिया, अमनौर, जगदीशपुर, मकेर, परसा के क्षेत्र से होते हुए आगे बढ़ रहा है, जो दरियापुर प्रखंड के हरदिया चौर में एकत्रित होगा.


हरदिया चौर से अतिरिक्त जल मुगल कैनाल के रास्ते गंगा नदी में तथा नेउरा एवं काकरा नाला के माध्यम से गंडक नदी में प्रवाहित होगा. वर्तमान में संभावित अतिरिक्त जलप्लावन क्षेत्र 22,617 हेक्टेयर है.
RK
