परीक्षा सुधार पर सुझाव देंगे विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट
नई दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपरलीक पर हुए आन्दोलन के बाद एक हाई लेवल टास्क फोर्स बनाया है जो परीक्षा संबंधी सुधार के लिए सुझाव देगी. पीएम द्वारा गठित टास्क फोर्स में हाई प्रोफाइल बैकग्राउंड के लोगों को शामिल किया गया है. इसमें बिहार के पूर्व मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा भी शामिल हैं जो पिछले साल रिटायर हुए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिए हैं. सोमवार को संसद में कठोर सजा के साथ प्रावधान ला रहे हैं, लेकिन हमें भविष्य के बारे में भी सोचना है. हमारी परीक्षा प्रणाली विश्वसनीय हो, इसमें सबसे ज्यादा तकनीक का उपयोग हो. उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य के लिए अधिक सुरक्षित व तकनीक आधारित व्यवस्था बनाने पर जोर दे रही है. टास्क फोर्स एनटीए की परीक्षा प्रणाली में सुधार की कार्ययोजना तैयार करेगी.
भारत में आधार और यूपीआई जैसा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) खड़ा करने वाले नंदन नीलकेणी के साथ देश की सुरक्षा, साइंस, डीप टेक और एडमिनिस्ट्रेशन के शीर्ष प्रमुखों का एक मंच पर आना यह दर्शाता है कि यह टास्क फोर्स भारत के भावी डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चरल परीक्षा सुधारों व गवर्नेंस की नींव रखेगी.
1. नंदन नीलकेणी (इन्फोसिस सह-संस्थापक, पूर्व यूआईडीएआई प्रमुख)
इन्फोसिस के सह-संस्थापक और आधार कार्ड के शिल्पकार हैं नंदन नीलकेणि इस टास्क फोर्स की अगुवाई करेंगे. उनके पास देश के सबसे बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने का अनुभव है.
2. एस. सोमनाथ (पूर्व अध्यक्ष, इसरो)
इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ को इस कमेटी में शामिल किया गया है. इनके नेतृत्व में भारत ने चंद्रयान-3 और आदित्य-एल1 जैसी अंतरिक्ष सफलताओं को हासिल किया.
3. तपन डेका (पूर्व निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो)
1988 बैच के आईपीएस अफसर देश में आंतरिक सुरक्षा और काउंटर-टेररिज्म के बड़े विशेषज्ञ माने जाते हैं. डेका परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा और इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने में अहम योगदान देंगे.
4. प्रो. वी. कामकोटि (निदेशक, आईआईटी मद्रास)
वी कामकोटि जाने-माने कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं। स्वदेशी माइक्रो प्रोसेसर शक्ति को विकसित करने वाली टीम के प्रमुख रहे हैं. वे परीक्षा प्रणाली में आधुनिक व हैक प्रूफ तकनीक के इस्तेमाल पर सुझाव देंगे.
5. अनीता करवाल (पूर्व शिक्षा सचिव)
1988 बैच की पूर्व आईएएस और भारत की पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल को स्कूली शिक्षा व प्रशासनिक व्यवस्था का अनुभव है. वे नीतिगत और व्यावहारिक स्तर पर सुधारों का खाका तैयार करेंगी.

6. अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ)
वर्ष 1989 बैच के आईएएस अधिकारी भारत के पीएम गति शक्ति प्लान को दिशा दे चुके हैं. परीक्षा सामग्री को एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाने के मीणा को इसमें शामिल किया गया है. वे पिछले साल ही बिहार के मुख्य सचिव पद से रिटायर हुए हैं.
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