ये है डबल इंजन की सरकार के विकास का पोल खोलता गाँव, जहां कंधे पर ढोये जाते हैं मरीज

भोजपुर का एक ऐसा गांव जहाँ नही है सड़क, गांव तक एंबुलेंस पहुंचना दूभर, खाट पर ढोए जाते हैं मरीज

Speical Report




आरा, 5 जुलाई. बिहार में बहार हैं डबल इंजन की सरकार हैं. जी हां एक बार फिर से विकास के दावे की पोल खोलता नजर आ रहा भोजपुर जिले के कराड़ी पंचायत के कडरा व देवड़ी गांव,जहां सड़क के अभाव में लोग इलाज के लिए घंटों मरीज को खाट पर ढोकर पैदल चलने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का मानना हैं कि जर्जर सड़क को लेकर कई बार मुखिया और पंचायत सेवक को लिखित आवेदन दिया गया और पीसीसी पथ व ढलाई सड़क बनाने की मांग की गयी, लेकिन किसी ने एक न सुनी. कराड़ी गांव का रोड खराब रहने की वजह से विकास रुक गया है. आज तक किसी भी जनप्रतिनिधियों के कान में जू नही रेंगा.

वहीं कराड़ी पंचायत के मुखिया सुरेंद्र ने बताया कि कराड़ी पंचयात के कडारा एवं देवड़ी गाव मे पक्की सड़क बन रहा था . मैटेरियल भी गिरा हुआ है .पर कुछ असामाजिक लोग ने मनरेगा ऑफिस में आवेदन देकर काम में रोड़ा डाला और शुभारंभ होने के पूर्व ही रुकवा दिया. कुछ दिन बाद जांच भी हुआ पर निदान अब तक नही निकला. असामाजिक तत्व के लोगों ने अपने कमीशन के चक्कर में इसकी शिकायत विभाग को कर दिया था. सड़क बनाने का मैटेरियल गिराया गया था वह खराब हो रहा है और विभाग भी कुछ सुनने को तैयार नहीं है. जिससे ग्रामीणों में विभागीय और असामाजिक लोगों के खिलाफ आक्रोश अब दिख रहा है. क्योंकि महज कुछ दिन बाद बरसात आने वाला है. अब देखना यह है कि कबतक सड़क का निर्माण होता हैं. बरसात के दिनों में इस सड़क का हाल बहुत ही खराब हो जाता है,पैदल चलना दूभर जो जाता हैं. अगर गाँव में लोग बीमार पड़ जाए तो गाड़ी तो छोड़ एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाता है जिससे मरीज को खाट पर लादकर कोसों दूर पैदल चल सड़क तक पहुंचाया जाता है तब जाकर मरीज का इलाज हो पाता है. कभी-कभार तो खाट पर ही मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं. अब देखना यह हैं कि विकास के दावे करने वाली इस वर्त्तमान सरकार में कब तक सड़क का निर्माण कराया जाता हैं.

आरा से मुरली मनोहर जोशी की रिपोर्ट