1268 अस्पतालों में सड़क दुर्घटना घायलों का होगा मुफ्त इलाज

  • पीएम राहत योजना के तहत दुर्घटना के बाद सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक कैशलेश इलाज।
  • आयुष्मान भारत से निबंधित सभी अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध।
  • परिवहन सचिव श्री राज कुमार ने पीएम राहत योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी जिलों में कार्यशाला आयोजित करने एवं अस्पतालों में होर्डिंग लगाने का दिया निर्देश।

पटना।। सड़क दुर्घटना में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा इलाज के खर्च की चिंता से मुक्त कर बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य में पीएम राहत योजना शुरू की गई है। राज्य में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध 1,268 अस्पतालों (सरकारी/गैर सरकारी) में पीएम राहत योजना के तहत 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। अब तक इस योजना के अंतर्गत लगभग 250 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का उपचार कराया जा चुका है। योजना का लाभ अधिक से अधिक दुर्घटना पीड़ितों तक पहुँचाने के लिए परिवहन विभाग सचिव श्री राज कुमार ने सभी जिलों के जिला पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारियों तथा अन्य संबंधित विभागों एवं हितधारकों को व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

जिला स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश




योजना के प्रति आम लोगों, अस्पताल प्रबंधन, संबंधित विभागों एवं अन्य हितधारकों को जागरूक करने के लिए जिला स्तर पर कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं के माध्यम से योजना के प्रावधानों, उपचार की प्रक्रिया तथा पात्र दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी साझा की जाएगी। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वास्थ्य विभाग, अस्पताल प्रबंधन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

सदर अस्पतालों एवं संबद्ध अस्पतालों में लगेंगे होर्डिंग और फ्लैक्स

योजना की जानकारी आम नागरिकों तक पहुँचाने के लिए सभी जिलों के सदर अस्पतालों तथा आयुष्मान भारत से संबद्ध अस्पतालों में होर्डिंग एवं फ्लैक्स के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इन प्रचार सामग्रियों में योजना के प्रमुख प्रावधानों, कैशलेस उपचार की निर्धारित सीमा तथा उपलब्ध सुविधा से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि दुर्घटना में घायल व्यक्ति एवं उनके परिजन समय पर योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।

दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता

परिवहन सचिव श्री राज कुमार ने कहा कि पीएम राहत योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है । दुर्घटना के बाद आर्थिक कारणों से उपचार में देरी नहीं होनी चाहिए। हमारा प्रयास है की योजना की जानकारी राज्य के प्रत्येक नागरिक, अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित पदाधिकारी तक पहुंचे , ताकि जरूरतमंद दुर्घटना पीड़ितों को इसका लाभ मिल सके

सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी गोल्डन ऑवर महत्वपूर्ण

राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ अहसन ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी गोल्डन ऑवर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता मिलने पर गंभीर रुप से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार से दुर्घटना पीड़ितों एवं उनके परिजनों को उपचार संबंधी सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, अस्पतालों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुँचाने में सहायता मिलेगी।

कोई पीड़ित जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न हो

परिवहन विभाग द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों से निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार गतिविधियों को प्राथमिकता देने की अपेक्षा की गई है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी पात्र व्यक्ति को जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े और उसे निर्धारित प्रावधानों के अनुसार समय पर उपचार उपलब्ध हो सके.

pncb

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