दुनिया आश्वस्त है कि भारत टॉप 3 में पहुंचकर रहेगा: पीएम मोदी


पुरानी संसद इसकी गरिमा कभी कम नहीं होगी
नई संसद में हम नए भविष्य का श्री गणेश करेंगे
देशवासियों को गणेश चतुर्थी की दी बधाई और शुभकामनाएं

संसद की 96 साल पुरानी इमारत में कार्यवाही का आज आखिरी दिन था. आजादी और संविधान को अपनाने की गवाह इस इमारत को विदाई देने पक्ष-विपक्ष के तमाम सांसद पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबके साथ फोटो खिंचवाई. इसके बाद तमाम सांसद सेंट्रल हॉल पहुंचे.सेंट्रल हॉल में अपने अनुभव साझा करते समय कुछ सांसद भावुक हुए, तो किसी ने इसे गौरव का पल कहा. प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद का सेंट्रल हॉल हमें भावुक भी करता है और कर्तव्य के लिए प्रेरित भी करता है. यहीं 1947 में अंग्रेजी हुकूमत ने सत्ता हस्तांतरण किया. बाद में संविधान ने भी यहीं आकार लिया.पीएम  ने कहा कि आज हम यहां से विदाई लेकर संसद के नए भवन में बैठने वाले हैं और ये बहुत शुभ है कि गणेश चतुर्थी के दिन वहां बैठ रहे हैं.
मोदी ने अपने भाषण के शुरुआत में देशवासियों को गणेश चतुर्थी की बधाई दी. उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में हम नए भविष्य का श्री गणेश करने जा रहे हैं. आज हम यहां विकसित भारत का संकल्प दोहराकर फिर एक बार संकल्पबद्ध होकर और उसको पूर्ण करने के इरादे से नए भवन की तरफ प्रस्थान कर रहे हैं. मोदी ने कहा कि ये भवन और उसमें भी यह सेंट्रल हॉल एक प्रकार से हमारी भावनाओं से भरा हुआ है. हमे भावुक भी करता है और हमें हमारे कर्तव्य के लिए प्रेरित भी करता है. आजादी के पूर्व ये खंड एक प्रकार से लाइब्रेरी के रूप में इस्तेमाल होता था. बाद में यहां संविधान सभा की बैठक शुरू हुई. उसमें गहन चर्चा करके हमारे संविधान ने यहीं पर आकार लिया.





मोदी ने कहा कि यहीं पर 1947 में अंग्रेजी हुकूमत ने सत्ता हस्तांतरण किया. यह सेंट्रल हॉल उस प्रकिया का भी साक्षी है. हमारे राष्ट्रगान और तिरंगे को भी यहीं अपनाया गया. यहीं पर 4 हजार से ज्यादा कानून पास हुए. इसी संसद में मुस्लिम बेटियों को न्याय की जो प्रतीक्षा थी, शाहबानों केस के कारण गाड़ी कुछ उलटी पाटी पर चल गई थी. इसी सदन ने हमारी उस गलती को ठीक किया. मोदी ने कहा कि मैंने लाल किले से कहा था कि यही समय है, सही समय है. एक के बाद एक घटनाओं पर नजर डालें तो हर एक घटना इस बात की गवाह है कि आज भारत एक नई चेतना के साथ जाग उठा है. भारत एक नई ऊर्जा से भर गया है. यही चेतना और ऊर्जा करोड़ों लोगों के सपनों को संकल्प में बदल सकती है और उन संकल्पों को हकीकत में बदल सकती है.


हमारे लिए छोटे-छोटे मुद्दों में उलझने का समय खत्म हो गया है. सबसे पहले, हमें आत्मनिर्भर भारत बनने का लक्ष्य पूरा करना होगा. यह समय की मांग है, यह हर किसी का कर्तव्य है. पार्टियां इसके आड़े नहीं आतीं. सिर्फ दिल चाहिए, देश के लिए चाहिए.मोदी ने कहा कि जैसे छोटे कैनवास पर बड़ा चित्र नहीं बन सकता, वैसे हम भी अगर अपने सोचने के कैनवास को बड़ा नहीं करेंगे तो भव्य भारत का चित्र अंकित नहीं कर पाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमृत काल के 25 वर्षों में भारत को बड़े कैनवास पर काम करना होगा.मोदी ने कहा कि आज भारत पांचवी अर्थव्यवस्था पर पहुंचा है लेकिन पहले 3 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. मैं जिस स्थान पर हूं उस जानकारी के आधार और विश्व के गणमान्य लोगों से बातचीत करता हूं उस आधार पर कह रहा हूं कि दुनिया आश्वस्त है कि भारत टॉप 3 में पहुंचकर रहेगा. . अगर आप सब की सहमती हो तो इसे भविष्य में ‘संविधान सदन’ के नाम से जाना जाए. लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों ने सुबह सेंट्रल हॉल के पास एक साथ फोटो सेशन कराया. नया संसद भवन पूरी तरह से हाईटेक है, इसमें स्टाफ के प्रवेश के लिए उनका चेहरा ही उनका पहचान पत्र होगा. सांसदों को नए भवन में प्रवेश के लिए बायोमेट्रिक आधारित स्मार्ट कार्ड जारी किए गए हैं.

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By pnc

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