ये कैसी सजा बच्चे को दे दी टीचर ने




शिक्षिका ने बच्चे को कराई 300 बार उठक-बैठक

बेहोश होकर पहुंचा अस्पताल

छठी क्लास के बच्चा तीन दिन तक रहा अस्पताल में भर्ती

एक दिन स्कूल नहीं जाने के कारण मिली सजा

शेखपुरा जिले में बच्चे के साथ हुई हैवानियत

शेखपुरा की एक शिक्षिका ने एक स्कूली बच्चे के साथ हैवानियत की ऐसी हद पार की जिससे मासूम को तीन दिनों तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. इस जिले को जहां एक तरफ नीति आयोग ने आकांक्षी जिला के तहत बेहतर शिक्षा देने में पूरे भारत में प्रथम रैंक दिया है तो वहीं दूसरी तरफ बरबीघा प्रखंड अंतर्गत एक स्कूल में हुई घटना ने शर्मसार कर दिया है.घटना के बाद स्कूल प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं. दरअसल बरबीघा प्रखंड के मिडिल स्कूल खलीलचक में कक्षा 6 के छात्र रौशन के साथ ये हैवानियत हुई. रौशन किन्हीं कारणों से एक दिन स्कूल नहीं आया तो विद्यालय की शिक्षिका सीता देवी इस कदर गुस्से में आ गई कि उन्होंने रौशन को 3 सौ बार उठक बैठक करने की सजा सुना दी. इस दौरान 200 के करीब उठक-बैठक करते ही वो बेहोश होकर गिर गया. उसके बेहोश होते ही हड़कंप मच गया. विद्यालय के शिक्षक और परिजन उसे बरबीघा अस्पताल ले गए जहां भर्ती होने के तीन दिन बाद तक उसका इलाज चलता रहा.

इस घटना के बाद से आरोपी शिक्षिका स्कूल नहीं आ रही है. स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि ने भी बच्चे के साथ इस कदर की घटना पर एतराज जताया है. नई शिक्षा नीति में ड्रापआउट बच्चों को स्कूल लाने के लिए सरकार ने कई गुणात्मक पहल की है. इस घटना को लेकर डीएम ने भी संज्ञान लिया है और शिक्षा परियोजना के डीपीओ को जांच का आदेश दिया है. अगर जांच में घटना की पुष्टि होती है तो कार्रवाई निश्चित रूप से होने की उम्मीद है. आरोपी शिक्षिका विद्यालय नहीं आ रही है जिसके कारण उसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है.

शेखपुरा,संवाददाता