इनकम टैक्स ने तेजस्वी और राबड़ी से पूछे तीखे सवाल

राबड़ी तेजस्वी और मीसा से हुई पूछताछ पटना में आज पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से इनकम टैक्स अधिकारियों ने पूछताछ की. सुबह करीब साढ़े दस बजे पटना स्थित आयकर विभाग के ऑफिस पहुंचे तेजस्वी शाम 5 बजे तक बाहर नहीं आए थे. इनके अलावा पूर्व सीएम राबड़ी देवी को भी आईटी ने करीब डेढ़ बजे बुलाया औऱ उनसे अलग से पूछताछ हो रही है. तेजस्वी, मीसा और राबड़ी को आईटी ने पहले ही नोटिस जारी किया था. इन दोनों को बेनामी संपत्ति और आय से ज्यादा संपत्ति मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. जानकारी के मुताबिक तीनों ने अपनी रैली के बाद हाजिर होने के लिए आयकर विभाग से आग्रह किया था. File Pic इस पूरे कार्यक्रम को अत्यंत गोपनीय रखा गया था. इसके लिए दिल्ली से आयकर विभाग के अधिकारी पटना पहुंचे थे. सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग ने इन तीनों से अलग-अलग पूछताछ की. बता दें कि पिछले दिनों पटना और दिल्ली सहित कई जगहों पर लालू, मीसा और तेजस्वी यादव से जुड़े ठिकानों पर ईडी, आयकर और सीबीआई की टीमों ने छापेमारी की थी. आई टी की पूछताछ के बाद शाम करीब 5.30 बजे तेजस्वी तो 6.45 बजे राबड़ी देवी और मीसा बाहर निकले.

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”बड़-बड़ मोदी गड़बड़ मोदी”

तमाम राजनीतिक दांव-पेंच और अदालती परेशानियों के बीच लालू यादव ने एक बार फिर पटना की रैली के जरिए दिखाने की कोशिश की क्यों उन्हें जनता का नेता कहा जाता है. पूरा तो नहीं लेकिन आधा गांधी मैदान जरुर लालू समर्थकों से पटा नजर आया. पटना की सड़कों पर लोगों की भीड़ भी खूब दिखी. इस दौरान राजद समर्थकों की पटाखेबाजी, फायरिंग और पुलिस के साथ झड़प भी आज खूब चर्चा में रहा. इन सबके बीच पटना के गांधी मैदान में रविवार को नेताओं ने नीतीश और बीजेपी पर जमकर भड़ास निकाली. बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी खासकर नीतीश कुमार पर विशेष मेहरबान दिखे. तेजस्वी ने कहा,’नीतीश पहले भी मेरे चाचा थे औऱ आज भी चाचा हैं, लेकिन अब वे अच्छे चाचा नहीं रहे.’ तेजस्‍वी ने कहा कि वे हमारा साथ छोड़कर भले ही चले गये, लेकिन महागठबंधन टूटा नहीं है. असली जदयू के नेता हमारे चाचा शरद यादव हैं. तेजस्वी ने पीएम मोदी पर भी हमला किया. पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि यह असल में ”बड़-बड़ मोदी, गड़बड़ मोदी” है. नीतीश कुमार ने सृजना का पाप छिपाने के लिए भाजपा के गोद में बैठना स्वीकार कर लिया. तेजस्वी ने कहा कि सृजन घोटाले में जदयू और भाजपा के नेता शामिल हैं और उन्‍हें बचाने के लिए लीपापोती की जा रही है. नीतीश जी भागलपुर गये थे ताकि सबूतों को मिटा दिया जाये. सृजन में भी दो मौत हो चुकी है, जो मुख्‍य आरोपी था, उसकी रहस्‍यमय तरीके से मौत हो गई. तेजस्‍वी ने कहा कि

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लालू के बाद तेजस्वी ने बोला नीतीश पर हमला

एक दिन पहले लालू ने नीतीश पर सवाल दागे थे. आज बारी उनके बेटे तेजस्वी की थी. बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बुधवार को एक के बाद एक कई सवाल नीतीश कुमार पर दागे. तेजस्वी ने ये भी कहा कि नीतीश कुमार को मेरे सवालों का जवाब देना होगा. इस बार कोई बीमारी या गला खराब होने का बहाना नहीं चलेगा. तेजस्वी ने कहा है कि वे नीतीश की दगाबाजी के खिलाफ चंपारण से यात्रा शुरू करेंगे और लोगों को उनके बारे में बताएंगे. शरद यादव के राजद में आने की संभावना वाले सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि शरद जी नीतीश कुमार से नाराज हैं और उनकी लालू जी और हमसे लगातार बात हो रही है. सुनिेए, कैसे नीतीश पर हमलावर नजर आए पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव- तेजस्वी ने कहा कि हम लगातार सीएम से सवाल पूछ रहे हैं लेकिन वो लगातार इसका जवाब देने से भाग रहे हैं. नीतीश ने हम पर FIR को महागठबंधन तोड़ने का पैमाना बनाया लेकिन नई सरकार के 75 फीसदी मंत्री दागी हैं ऐसे में वो कैसे उनके साथ सरकार में बैठे हैं. तेजस्वी ने कहा कि केन्द्र सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए कि  एक बार जिसपर FIR हो जाए, उसके बाद उस आदमी को कोई भी कुर्सी या पद ना मिले.

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सत्र से पहले महागठबंधन की बैठक से परहेज क्यों!

28 जुलाई से बिहार विधनमंडल का मॉ़नसून सत्र शुरू हो रहा है. बिहार के इतिहास में इस बार ये सत्र ऐतिहासिक होने जा रहा है जब सरकार के भविष्य पर अनिश्चितता छाई हुई है. ना तो सीएम और ना ही डि्टी सीएम सदन में एक साथ बैठने की स्थिति में हैं क्योंकि दोनो के बीच तल्खी की बातें सार्वजनिक हैं. यही नहीं, सत्र से पहले राजद और जदयू अपने-अपने विधायक दल की बैठक बुधवार को कर रहे हैं लेकिन महागठबंधनव की संयुक्त बैठक की कोई चर्चा नहीं है. इसका सीधा फायदा विपक्षी दल बीजेपी को मिलता दिख रहा है. बीजेपी ने पहले ही तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर मॉनसून सत्र नहीं चलने देने की चेतावनी दी है. अब अगर सत्र के दौरान बीजेपी तेजस्वी के इस्तीफे की मांग करती है या फिर इसपर चर्चा की मांग करती है तो क्या सरकार की तरफ से जदयू या नीतीश कोई जवाब देने की हालत में होंगे.  इन सब को देखते हुए बुधवार से लेकर आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति में अहम होने वाले हैं. बता दें कि बुधवार 26 जुलाई को राजद और जदयू, दोनों ही दलों ने अपने-अपने विधानमंडल दल की बैठक बुलाई है. दोपहर 12.30 बजे से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर राजद विधानमंडल दल की बैठक आयोजित है तो सीएम नीतीश कुमार के आवास पर शाम 5.30 बजे से जदयू विधानमंडल दल की बैठक होगी. जदयू ने पहले यह बैठक 27 जुलाई को निर्धारित किया था. राजद ने बैठक में अपने सभी विधायकों व विधान

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मुलाकात हुई… क्या बात हुई….

राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन को बरकरार रखने की कोशिशें जारी है. मंगलवार को बिहार कैबिनेट की मीटिंग में डिप्टी सीएम तेजस्वी के पहुंचते ही कई कयासों पर लगाम लग गया. कैबिनेट की बैठक करीब 1 घंटे चली और इसमें 18 एजेंडों पर मुहर लगी. लेकिन खबर ये नहीं है. खबर तो दरअसल यहां है- कैबिनेट की मीटिंग के बाद जैसे ही सीएम नीतीश बाहर निकले और अपने चैंबर में गए, उनके पीछे-पीछे तेजस्वी और तेजप्रताप भी उनके चैंबर में पहुंच गए. इनके साथ शिक्षा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी भी पहुंच गए. ये सब इतनी तेजी से हुआ जैसे सब कुछ पहले से सेट हो. करीब पांच मिनट के बाद ही अशोक चौधरी सीएम के चैंबर से बाहर निकल गए. इसके कुछ देर के बाद तेज प्रताप भी वहां से निकल गए. इसके बाद मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के बीच लगभग चालीस मिनट तक बातचीत चली. करीबी सूत्रों के मुताबिक, CBI की FIR के बाद विवादों में घिरे तेजस्वी यादव के सामने अपनी परेशानी बयां की और सफाई भी दी. तेजस्वी ने कहा कि डिप्टी सीएम और कई विभागों का कार्यभार संभालने के बाद उनपर कोई आरोप नहीं लगा है. ऐसे में किसी पुराने आरोप को लेकर इस्तीफा देने की बात कहां से आ गई. जानकारी के मुताबिक, तेजस्वी से सीएम से सलाह भी मांगी कि उन्हें क्या करना चाहिए. इसके बाद सीएम ने साफ किया कि उनसे इस्तीफा तो किसी ने नहीं मांगा. उन से सिर्फ इतना कहा गया कि लोगों के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करें

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अब सरकार बचाने की जुगत में नीतीश

राष्ट्रपति चुनाव के बहाने सीएम नीतीश को अच्छा वक्त मिल गया है मामले को लंबा खींचने का. सूत्रों के मुताबिक, लालू के ताजा स्टैंड से नीतीश असहज हो गए हैं. अब वे कोई ना कोई जरिया ढूंढ रहे हैं जिससे ये मामला भी खत्म हो जाए और सरकार गिरने की नौबत भी ना आए. इन सबके बीच, राष्ट्रपति चुनाव के लिए दो गुटों में बंटे महागठबंधन के घटक दलों ने रविवार को पटना में अपने- अपने विधायक दल की बैठक बुलाई. जाहिर तौर पर विधायक दल की बैठक का मुद्दा राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग ही था. राजद-कांग्रेस ने जहां विधायक दल की संयुक्त बैठक एक निजी होटल में की, वहीं जदयू ने एक अणे मार्ग में अपने विधायकों की बैठक की. इधर NDA विधायक दल की बैठक सुशील मोदी के आवास पर हुई. राजद-कांग्रेस की बैठक में लालू ने अपने विधायकों को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जिसका वोट गड़बड़ हुआ उसका पत्ता अगली बार विधायकी से साफ हो जाएगा. बता दें कि राजद और कांग्रेस मीरा कुमार को सपोर्ट कर रहे हैं जबकि जदयू ने NDA प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को समर्थन दिया है. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बुलाई गई इस बैठक में तेजस्वी के मामले पर भी चर्चा हुई. राजद विधायकों ने एक स्वर में दोहराया कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे, चाहे परिणाम जो हो. इधर जदयू की बैठक में इस मामले पर पार्टी विधायकों की एक राय थी. जदयू विधायकों ने कहा कि तेजस्वी को इस्तीफा दे देना चाहिए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की

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आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार राजद-जदयू

नीतीश के अल्टीमेटम से बेपरवाह लालू तेजस्वी के इस्तीफे से किया साफ इनकार बीच बचाव की कांग्रेस की कोशिश गई बेकार सोनिया गांधी ने फोन नहीं किया- लालू बिहार में राजद, जदयू और कांग्रेस के गठजोड़ की कलह अब चरम पर पहुंच चुकी है. नीतीश कुमार जहां अपनी छवि बचाने के लिए तेजस्वी के इस्तीफे का इंतजार कर रहे हैं वहीं तेजस्वी इस्तीफा नहीं देने पर अड़े हैं. शुक्रवार को ये खबर तेजी से फैली कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद लालू और नीतीश को फोन किया है और बीच का रास्ता निकालने की सलाह दी है. लालू के रांची से पटना लौटने पर बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी उनसे मिलने पहुंचे. लेकिन इसके थोड़ी देर बाद ही लालू ने मीडिया से बातचीत में ये साफ कर दिया कि तेजस्‍वी के इस्‍तीफे का सवाल ही नहीं पैदा होता. उसे जनता ने जिताया है तो फिर इस्तीफा देने का सवाल कहां पैदा होता है. लालू ने इसके साथ ही ये भी साफ कर दिया कि सोनिया गांधी के फोन करने की बात गलत है. सोनिया गांधी ने उन्हें कोई फोन नहीं किया. हालांकि शुक्रवार को दिनभर ये चर्चा रही कि सोनिया गांधी ने लालू और नीतीश से फोनपर बात की है और गठबंधन को बचाने की अपील की है. कांग्रेस नेताओं ने भी बजाप्ता प्रेस कॉनफ्रेंस करके कहा कि सोनिया गांधी ने लालू-नीतीश से बात की है. यहां तक कि जदयू महासचिव के सी त्यागी ने भी कहा कि सोनिया ने इनसे फोन पर बात की है. लेकिन लालू

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तेजस्वी नहीं देंगे इस्तीफा, नीतीश पर टिकी सबकी नजर

सोमवार को राजद विधायकों ने आखिरकार अपने युवराज में भरोसा जताते हुए एलान कर दिया कि तेजस्वी राजद विधानमंडल दल के नेता बने रहेंगे. उन्हें इस्तीफा देने की कोी जरुरत नहीं. राजद की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ये सब लालू यादव को परेशान करने के लिए किया जा रहा है, जिसका जवाब हम 27 अगस्त की रैली में देंगे. सिद्दीकी ने कहा कि तेजस्वी यादव राजद विधानमंडल दल के नेता हैं और बने रहेंगे. महागठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है . उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायकों ने एक सुर में तेजस्वी पर भरोसा जताया है. राजद के इस स्टैंड के बाद अब सबकी नजरें 11 जुलाई को होने वाले जदयू की बैठक पर टिक गई हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को जदयू की बैठक बुलाई है,. जिसमें सभी विधायक, सांसद,राज्य कार्यकारिणी के सदस्य और सभी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी शामिल होंगे. सीबीआई द्वारा तेजस्वी यादव पर केस दर्ज होने के बाद माना जा रहा है कि नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. हालांकि जदयू और राजद के सूत्रों के मुताबिक सरकार को कोई खतरा नहीं है. बता दें कि इन सबके बीच बिहार बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा है कि अगर बिहार में अस्थिरता की नौबत आई तो बीजेपी नीतीश कुमार को बाहर से समर्थन दे सकती है. ये भी पढ़ें- https://goo.gl/FCh6FZ

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तेजस्वी यादव होंगे मंत्रिमंडल से बाहर!

केन्द्रीय जांच एजेंसियों की लगातार छापेमारी से परेशान राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने सोमवार 10 जुलाई को राजद विधायक दल की बैठक बुलायी है. मौजूदा हालात में पार्टी की इस बैठक पर सबकी नजर है. माना जा रहा है कि लालू, राबड़ी और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर सीबीआई ने जो केस दर्ज किया है इसके बाद पार्टी नेताओं की राय जानने और उन्हें मौजूदा हालात में पार्टी लाइन तय करने के लिए इस बैठक में चर्चा होगी. साथ ही तेजस्वी यादव पर इस्तीफे का जो दबाव बना है उसके मद्देनजर भी लालू विधायकों से उनका मौखिक समर्थन हासिल करना चाह रहे हैं. मौजूदा हालात में पार्टी को एकजुट रखना, 27 अगस्त की रैली की तैयारी और राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग को लेकर भी इस बैठक में चर्चा होने के आसार हैं. बता दें कि बेनामी संपत्ति को लेकर सीबीआई ने तेजस्वी यादव के खिलाफ केस दर्ज किया है. इसके बाद सीएम नीतीश कुमार पर तेजस्वी यादव को मंत्रिमंडल से हटाने का दबाव बढ़ गया है. बीजेपी लगातार नीतीश कुमार को अपनी छवि के मुताबिक काम करने और दागी मंत्री को अपनी कैबिनेट से हटाने की मांग कर रही है. लालू के घर छापे के बाद ना तो जदयू और ना ही नीतीश कुमार ने अपनी कोई प्रतिक्रिया दी है. नीतीश की चुप्पी से भी राजद दबाव में है. हालांकि बैठक से पहले राजद नेता भाई वीरेन्द्र ने साफ कर दिया कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे. लेकिन नीतीश कुमार अगर अपनी इमेज के मुताबिक दागी मंत्री को हटाने की मांग

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