महिलाएं ही नहीं पुरुषों को भी होता है ये रोग

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | ब्रेस्ट कैंसर,सर्वाइकल कैंसर और महिलाओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान चलाने वाली सामाजिक संस्था गुलमोहर मैत्री की ओर से 24 दिसम्बर को NCC मुख्यालय पटना में मैत्री संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बिहार के विभिन्न जिलों से आईं गर्ल्स एन सी सी कैडेट्स ने महिलाओं में तेजी से फैल रहे ब्रेस्ट कैंसर के खतरों इसके लक्षण और बचाव के उपायों पर गंभीर चर्चा की. मैत्री संवाद में गुलमोहर मैत्री की संस्थापक सचिव मंजू सिन्हा ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर न केवल महिलाओं को अपना शिकार बना रही है बल्कि पुरूषों में भी यह बीमारी तेजी से फैलने लगी है. इसलिए ब्रेस्ट कैंसर के प्रति परिवार के हर सदस्य को जागरूक रहना चाहिए . मंजू सिन्हा ने बताया कि मानव शरीर में कुछ हार्मोन्स के असुंतलन, अनियमित जीवन शैली, खास कर महिलाओं में स्तन कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि स्तन कैंसर का मुख्य कारण है. कोशिकाओं में होने वाली लगातार वृद्धि एकत्र होकर गांठ का रूप ले लेती है, जिसे कैंसर ट्यूमर कहते हैं. स्तन कैंसर होने पर पहले या दूसरे चरण में ही इसका पता चल जाने पर इसका इलाज संभव है. लेकिन इस बारे में पता चलना भी आपकी जागरूकता पर निर्भर करता है. यदि आप स्तर कैंसर के प्रति जागरूक हैं, तो इसके लक्षणों को पहचानकर सही समय पर इलाज करवा सकते हैं. महिलाओं और पुरूषों में फैल रहे ब्रेस्ट कैंसर के प्राथमिक लक्षण को पहचान पाना सहज नहीं होने कारण यह बीमारी धीरे धीरे गंभीर हो जाती है और कभी-कभी जानलेवा भी

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अब ये शर्म नहीं, बल्कि सेहत की बात है

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) |”अब माहवारी पर खुलकर बात करेंगे” – ये संकल्प लिया है राज्य के सबसे बड़े स्लम एरिया पटना के कमला नेहरू नगर स्लम एरिया की महिलाओं ने. गौरतलब है कि महिलाओं में तेजी से फैल रहे ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर के खतरे और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर जागरूकता अभियान चला रही संस्था गुलमोहर मैत्री की ओर से पटना के स्लम एरिया में रहने वाली महिलाओं के साथ मैत्री संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर सैकड़ों महिलाओं ने माहवारी की अनियमितता या इससे जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बातचीत की. महिलाओं से बातचीत कर रही गुलमोहर मैत्री की संस्थापक सचिव मंजू सिन्हा ने कहा कि माहवारी को लेकर स्लम एरिया की महिलाओं में अनेक गलतफहमियां तो है ही उनमें इस विषय को लेकर जानकारी का भी बहुत अभाव है. मैत्री संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाली अधिकांश महिलाओं ने कहा कि यह पहला मौका है जब माहवारी और महिलाओं की सेहत से जुड़े विषयों पर इस तरह खुलकर बात चीत हुई है और उन्हें कई अहम जानकारियां मिली हैं. महिलाओं ने गुलमोहर मैत्री से आग्रह किया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बार-बार आयोजित किए जाएं ताकि महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके. गुलमोहर मैत्री के कार्यक्रम के दौरान स्लम एरिया में काम करने वाले मानव विकास मंच के मोहम्मद अंसार और दीपक गोस्वामी ने भरपूर सहयोग किया. मानव विकास मंच के अध्यक्ष मोहम्मद कलाम आजाद ने भी गुलमोहर मैत्री के जागरूकता अभियान की जमकर तारीफ की.

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‘गुलमोहर मैत्री’ साथ युवा पीढ़ी का ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ जंग

पटना (पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट) | “गुलमोहर मैत्री” की ओर से 14 दिसम्बर को पटना के इको पार्क में ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और महिलाओं में स्वच्छता के प्रति एक बड़े जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम का आयोजन “गुलमोहर मैत्री” द्वारा किया जा रहा है. इसमें राज्य के स्कूल-कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों, एनसीसी, स्काउट एण्ड गाईड के लगभग 1500 छात्र-छात्राएं मार्च पास्ट/परेड में हिस्सा लेंगे.“गुलमोहर मैत्री” ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और महिलाओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान चलाने वाली एक सामाजिक संस्था है. जिजीविषा CHAPTER-2 के नाम से गुलमोहर मैत्री की ओर से आयोजित होने वाले इस अभियान के बारे में बताते हुए इस संस्था की संस्थापक सचिव मंजू सिन्हा ने कहा कि राज्य में ब्रेस्ट कैंसर पर इतने बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान का यह अपने आप में पहला कार्यक्रम होगा जिसमें इतनी बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी एक साथ मिलकर कदम से कदम मिलाकर एक खतरनाक बीमारी के खिलाफ जंग का एलान करेगी. जानकारी देते हुए मंजू सिन्हा ने आगे कहा कि उनकी यह संस्था “गुलमोहर मैत्री” पिछले एक दशक से महिलाओं व पुरूषों में खतरनाक रूप से फैल रहे ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चला रही है. सबसे खतरनाक बात यह उभर कर आई है कि यह जानलेवा बीमारी अब धीरे-धीरे पुरूषों को भी अपना शिकार बना रही है. मंजू सिन्हा ने बताया कि एक अध्ययन के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित मरीजों में एक फीसदी हिस्सा पुरूषों की भी है. कहना नहीं होगा कि जानकारी, शिक्षण, प्रशिक्षण और बचाव

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