असंगठित कामगारों के बेहतरी के लिए कांग्रेस पार्टी बेहद गम्भीर – वीरेंद्र सिंह राठौर

पटना (ब्यूरो) | रविवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाक़त आश्रम में बिहार प्रदेश असंगठित कामगार कांग्रेस के राज्य कार्यकारिणी एवं ज़िला अध्यक्षों की बैठक सम्पन्न हुई. इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव व बिहार प्रभारी वीरेंद्र सिंह राठौर एवं प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डाo मदन मोहन झा के साथ असंगठित कामगार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरबिंद सिंह, संगठन के मध्य भारत प्रभारी डा. अजय उपाध्याय, असंगठित कामगार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गुरनानी उपस्थित रहें. बैठक के मुख्य अतिथि वीरेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि असंगठित कामगारों के बेहतरी के लिए कांग्रेस पार्टी बेहद गम्भीर है. उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य असंगठित कामगारों तक केन्द्र सरकार के श्रम क़ानूनों में हो रहे बदलाव की सूचनाएँ पहुँचाना और कामगारों के बेहतरी के लिए काम करना है. वर्तमान सरकार में असंगठित क्षेत्र के कामगारों द्वारा जो कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, उससे किस प्रकार निबटा जाएँ, इस पर संगठन को विशेष ज़ोर देना होगा. बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा मदन मोहन झा ने कहा कि बिहार में असंगठित कामगारों की स्थिति बेहद दयनीय होने का कारण राज्य सरकार की ग़लत नीतियाँ हैं. ग़रीब विरोधी नीतीश-भाजपा सरकार मज़दूरों की बात करना तो दूर उनके मुँह से निवाला छिनने को आतुर हैं. इसबार के चुनाव में आम ग़रीब मज़दूर वर्ग इन्हें ज़रूर सबक़ सिखाएगी.वही असंगठित कामगार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरबिंद सिंह ने राज्य में वेण्डिंग एक्ट २०१४ के पूर्णतः अनुपालन, वेण्डिंग ज़ोन बनाने और फुटफाथी दुकानदारों के लिए मार्केटिंग समितियाँ बनाने

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‘बंद गली के आखिरी मकान जैसी हो गई राजद-कांग्रेस की हालत’

बिहार में एनडीए एकजुट था है और रहेगा : नन्दकिशोर विकास की चकाचौंध के आगे टिमटिमा रही है ‘‘लालटेन’’ की लौ केन्द्र और बिहार में एनडीए की डबल इंजन की सरकार से तेज हो रहा है बिहार का विकास बिहार के पथ निर्माण मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा है कि बिहार में राष्ट्रीय जनतात्रिक गठबंधन (एनडीए) एकजुट था, है और रहेगा। पिछले सप्ताह से अंधेरे में विखण्डन का सगूफा उड़ाने वाले राजनीतिज्ञों की आँखें खुल जानी चाहिए क्योंकि उनकी दाल नहीं गली. मंत्री ने कहा कि केन्द्र में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और बिहार में मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार मजबूती से गरीबों, दलितों और पिछड़ों के विकास का काम मुस्तैदी से कर रही है और इसमें शामिल तमाल घटक दल चट्टानी एकता के साथ डटे हैं. राजद और काँग्रेस की हालत बंद गली के आखिरी मकान जैसी हो गई है जिनके आगे कोई रास्ता ही नहीं है. परिवारवाद और वंशवाद वाली इन दोनों पार्टियों की स्थिति आगे नाथ न पीछे पगहा वाली हो गई है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के चार साल के कार्यो की अप्रतिम उपलब्धियों से विरोधियों में इतनी खलबली मची है कि वे एनडीए में टूट की हवा उड़ा रहे हैं जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है. नंदकिशोर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना व सौभाग्य योजना के तहत बिहार के घर-घर बिजली पहुँचने और महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिए जाने से ‘‘लालटेन युग’’ समाप्ति की ओर है. विकास की चकाचौंध में लालटेन की अब जरूरत ही क्या है? गाँव का

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‘पहले एजेंडा तय हो, फिर करें विपक्षी एकता की बात’

विपक्षी एकता के सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस पर एक बार फिर कटाक्ष किया है. नीतीश ने कहा कि सिर्फ विरोध करने और एकता की बात करने वालों को पहले अपना एजेंडा तय करना चाहिए. विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है और इस लिहाज से उसे एजेंडा तय करना चाहिए और फिर विपक्ष की मजबूती की बात करनी चाहिए. इस बीच नीतीश ने एक बार फिर साफ कर दिया कि 2019 में वे पीएम पद के दावेदार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पद की मेरी कोई लालसा नहीं है. हमारी पार्टी छोटी है और हम पीएम पद के रेस में कतई शामिल नहीं है. उन्होंने कहा कि हम कभी भ्रम नहीं पालते, हमारी पार्टी क्षेत्रीय पार्टी है और हम किसी तरह से 2019 के चुनाव में पीएम पद की रेस में नहीं है.  

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