सीएए और एनआरसी पर जदयू में दो फाड़ की स्थिति

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | बिहार में नागरिकता कानून यानी सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर जनता दल (यू) में दो गुटों जैसी स्थिति बन गई है. JDU के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (पीके) एक ओर जहां सीएए और एनआरसी का विरोध कर रहे हैं, वहीं इसी पार्टी के दूसरे नेता सीएए के पक्ष में हैं.ज्ञातव्य है, रविवार को प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा था कि बिहार में सीएए और एनआरसी लागू नहीं होगा. जबकि जदयू के महासचिव आरसीपी सिंह ने इसके उलट कहा कि लोगों को सीएए और एनआरसी से डरने की जरूरत नहीं है. सिंह से कहा कि सीएए को लेकर देश में कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं. उन्होंने बताया कि सीएए कानून नागरिकता देने वाला है, न की किसी का अधिकार छीनने वाला. आरसीपी सिंह ने एनआरसी पर यह भी कहा कि जो अभी अस्तित्व में आया ही नहीं उसका विरोध कैसे हो रहा है, ये समझ से परे है.

Read more

बिहार में इस दिन से शुरू होगा NPR कार्य | CAA प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को राहत देने के लिए

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को बीजेपी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इसमें उन्होंने CAA तथा NPR विषय पर केंद्र सरकार के पक्ष को रखा. मोदी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को राहत देना है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में किस प्रकार धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जाता है इसका हालिया उदाहरण ननकाना साहिब में जगजीत कौर का अपहरण के बाद धर्मान्तरण और पाक मुस्लिमों द्वारा गुरूद्वारा पर हमला और धमकी की इसको गिराकर मस्जिद बना दी जाएगी. नागरिकता संशोधन विधेयक ऐसे ही धार्मिक कारणों से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने से संबंधित है. मोदी ने कहा कि इसी धार्मिक प्रताड़ना के कारण उपरोक्त तीन देशों में अल्पसंख्यको की आबादी लगातार घटती जा रही है. हिन्दु जनसंख्या जो 1947 में पाकिस्तान 23% थी जो 2011 में 3.7% रह गई. वहीं, 1947 में 22% वाले बांग्लादेश में 2011 में हिंदुओं की जनसंख्या मात्र 7.8% रह गई. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में 1992 में दो लाख हिन्दु और सिक्ख थे जो 2018 में सिर्फ 500 रह गए हैं.बिहार के संदर्भ में उन्होंने बताया कि 1947 के बाद 3,50,000 हिन्दु शरणार्थी आए जिन्हें मुख्यतः चम्पारण, पूर्णियां, कटिहार, भागलपुर में बसाया गया एवं कुछ लोगों को अररिया, सहरसा, गया, दरभंगा में बसाया गया. बिहार सरकार के आदेश पर आद्री द्वारा 2009 में 10,536 परिवार के 50,238 बंगाली हिन्दुओं का सर्वेक्षण किया गया जिसमें अधिकांश अनुसूचित जाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पाए गए. इन अधिकांश शरणार्थियों को

Read more