इस महाशिवरात्रि पर अपनी राशि अनुसार भगवान शिव का पूजन करें

4 मार्च को शिव भक्तों का महापर्व महाशिवरात्रि है. इस महाशिवरात्रि पर अपनी राशि के अनुसार भगवान शिव का पूजन इस प्रकार करना चाहिए……
मेष – मेष का स्वामी मंगल है और मंगल का पूजन शिवलिंग रूप में ही किया जाता है. इस राशि के लोग शिवलिंग पर कच्चा दूध एवं दही अर्पित करें. साथ ही, भोलेनाथ को धतुरा भी अर्पित करें. कर्पूर जलाकर भगवान की आरती करें.
वृषभ – किसी भी शिव मंदिर जाएं और भगवान शिव को गन्ने के रस से स्नान करवाएं. इसके बाद मोगरे का ईत्र शिवलिंग पर अर्पित करें. अंत में भगवान को मिठाई का भोग लगाएं एवं आरती करें.
मिथुन – स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करेंगे तो श्रेष्ठ रहेगा. यदि स्फटिक का शिवलिंग उपलब्ध न हो तो किसी अन्य शिवलिंग का पूजन किया जा सकता है. मिथुन राशि के लोग लाल गुलाल, कुमकुम, चंदन, ईत्र आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें. आक के फूल अर्पित करें. मीठा भोग लगाकर आरती करें.
कर्क – अष्टगंध एवं चंदन से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए. बैर एवं आटे से बनी रोटी का भोग लगाकर शिवलिंग का पूजन करें. शिवलिंग पर प्रतिदिन कच्चा दूध अर्पित करें और साथ ही जल भी चढ़ाएं.
सिंह – फलों के रस एवं पानी में शक्कर घोलकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. साथ ही, शिवजी को आंकड़े के पुष्प अर्पित करें, मिठाई का भोग लगाएं. पुष्प के साथ ही बिल्व पत्र भी अर्पित करें.
कन्या – महादेव को बैर, धतुरा, भांग और आंकड़े के फूल अर्पित करें. साथ ही बिल्व पत्र पर रखकर नैवेद्य अर्पित करें. अंत में कर्पूर मिश्रित जल से अभिषेक कराएं. शिवजी के पूजन के बाद आधी परिक्रमा अवश्य करें. ऐसा करने पर बहुत ही जल्द शुभ फल प्राप्त होते हैं.

तुला – जल में तरह- तरह फूल डालकर उस जल से शिवजी का अभिषेक करें. इसके बाद बिल्व पत्र, मोगरा, गुलाब, चावल, चंदन आदि भोलेनाथ को अर्पित करें. अंत में आरती करें.
वृश्चिक – शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. शहद, घी से स्नान कराने पश्चात पुन: जल से स्नान कराएं एवं पूजन कर आरती करें. लाल रंग के पुष्प अर्पित करें. पूजन के बाद मसूर की दाल का दान करें..
धनु – भात यानी चावल से शिवलिंग का श्रृंगार करें. पहले चावल को पका लें, इसके बाद पके हुए चावल को ठंडा करके शिवलिंग का श्रृंगार करें. सुखे मेवे का भोग लगाएं. बिल्व पत्र, गुलाब आदि अर्पित करके आरती करें.
मकर – शिवलिंग को ढंककर, विधिवत पूजन करें. पूजन- आरती पूर्ण होने के बाद गेंहू का दान जरूरत मंद लोगों को कर दें. इस उपाय से आपकी सभी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं.
कुंभ – सफेद-काले तिल को मिलाकर किसी ऐसे शिवलिंग पर चढाएं जो एकांत स्थान में स्थित हो. जल में तिल डालकर शिवलिंग को अच्छे से स्नान कराएं. इसके बाद काले-सफेद तिल अर्पित करें, पूजन के आद आरती करें.
मीन – रात में पीपल के नीचे बैठकर शिवलिंग का पूजन करना चाहिए. इस समय “ॐ नम: शिवाय” का पैंतीस (35) बार उच्चारण कर बिल्व पत्र चढ़ाएं तथा आरती करें. शिवलिंग पर चने की दाल चढ़ाएं और पूजन के बाद इसका दान करें.