शहीद पर टिप्पणी करने वाले मंत्री बर्खास्त हों- तेजस्वी और पप्पू यादव

शहीद के घर पहुंचे पप्पू यादव और पूर्व डिप्टी CM तेजस्वी
पप्पू ने 1 लाख, तो तेजस्वी ने दिए शहीद को 2 लाख
पीरो में बनेगी शहीद की मूर्ति और सदन में गूँजेगा शहीद के परिजनों की मांग

पीरो, 18 फरवरी. शहीद जवान मोजाहिद के परिजनो से मिलने का सिलसिला जारी है. शनिवार को शहीद के घर जाप नेता पप्पू यादव और पूर्व डिप्टी CM राजद नेता तेजस्वी यादव पहुंचे. पहले पप्पू यादव पहुँचे और उन्होंने शहीद के परिवार के प्रति सांत्वना व्यक्त करने के बाद अपने पार्टी की ओर से शहीद परिवार को एक लाख रुपये दिए, औए शहीद की मूर्ति बनवाने की घोषणा की. वही पूर्व डिप्टी CM तेजस्वी यादव ने शहीद की माँ को दिये दो लाख, शहीद के परिजनों की मांगों को सदन में उठाये जाने का आश्वासन दिया. पूर्व डिप्टी CM ने देश की जनता को चैन की नींद सुलानेवाले जवानों की शहादत पर अपमानजनक टिप्पणी करनेवाले मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की. इस दौरान राजद की पूर्व मंत्री कांति सिंह भी थी. राजद के भारी समर्थकों की भीड़ भी इस दौरान शहीद के घर देखने को मिला.




परिजनों से मिलने के दौरान जाप नेता ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे और भी रकम परिवार को देंगे. उन्होंने एलान किया कि सरकार जितना देगी उससे ज्यादा वो देंगे. उन्होंने तेजस्वी यादव के आने की सूचना पर तंज कसते हुए कहा कि पॉलिटिशियन सिर्फ पॉलिटिक्स करने के लिए होते हैं. पीरो की इसी धरती पर जब दंगा हुआ था तब कोई क्यों नहीं आया था? उन्होंने कहा कि एक-एक घर में घुसकर मुसलमानों को दंगे में जब फसाया गया था उस समय उनको याद क्यों नहीं आई? पॉलिटिशियन के चलते देश में कितने अलगाववादी और कितने उग्रवादी पैदा होंगे देखते रहिये आने वाले समय में. खनन मंत्री द्वारा दिये गये बयान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मंत्रियों को बर्खास्त कर उनपर केस चलाने की बाद की.

पप्पू यादव ने कहा कि हर घटना के पीछे पॉलिटिशियन का वोट,सत्ता एवं उसकी सियासत होती है. शराब पीकर नीतीश मस्त है मंत्री वैलेंटाइन मना रहे हैं और इधर शहीद जवान के घर उन्हें जाने की फुर्सत नही है. माल और गा***** के चक्कर में ही रहते हैं नेता और मंत्री. सुबह से शाम तक हिंदू-मुस्लिम, बैकवर्ड-फारवर्ड और आरक्षण की दुकान चलती है.

शहीद के घर राजनेताओं का आना जाना शुरू हो चुका है ये एक अच्छी बात है लेकिन सभी एक दूसरे से बड़े दिखाने के चक्कर मे एक दूसरे पर टिप्पणियों से भी बाज नही आ रहे हैं. भले ही सभी राजनीति नही करने की नसीहत दे रहे हों लेकिन शहीद को मदद करने के वादों के साथ ही राजनीति की शरुआत तो हो चुकी हो. राजनीति हो लेकिन एक दूसरे की भलाई के लिए हो तो वह सार्थक और प्रभावशाली होगा.

पीरो से मुरली मनोहर जोशी और ओ पी पांडेय की रिपोर्ट