सरस मेला में 28 करोड़ रुपए से अधिक का हुआ कारोबार, 25 राज्यों की रही सहभागिता

28.42 करोड़ के उत्पादों की हुई बिक्री

पटना।। ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 12 दिसंबर से 4 जनवरी तक जारी बिहार सरस मेला का रविवार को समापन हो गया. सरस मेला का आयोजन ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जीविका द्वारा 24 दिनों तक गांधी मैदान, पटना के बड़े कैनवाश पर किया गया. समापन कार्यक्रम में श्रवण कुमार, मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार ने शिरकत की.




आज सरस मेला में सर्वश्रेष्ठ बिक्री करनेवाली कुशल महिला उद्यमियों को मंत्री ने प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया. सम्मानित होने वाली महिला उद्यमियों में प्रेमलता देवी, बिहार, रहनुमा, उत्तर प्रदेश, मोनी कुमारी, बिहार, कृष्ण देवी, बिहार, वर्जिश बेगम, बिहार एवं वर्जिश बेगम, बिहार रही. पंकज कुमार, प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार ने अपने संबोधन में कहा कि जीविका दीदियों के आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति की चर्चा अब पूरे देश में हो रही है. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं काफी आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने सरस मेला के सफल आयोजन के लिए जीविका को बधाई दी और हर्ष व्यक्त किया कि बिहार में जीविका का कार्य काबिलेतारिफ है. समापन कार्यक्रम के अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार ने कहा कि योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने की कवायद जीविका कर रही है. बिहार पहला राज्य है जहां मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है, सतत जीविकोपार्जन योजना भी सबसे पहले बिहार में ही शुरू किया गया है. इन योजनाओं से जुड़कर महिलाएं अपने जीवन में खुशहाली ला रही हैं। इन योजनाओं से बड़े पैमाने पर महिलाएं जुड़ रही हैं. उन्होंने कहा बिहार को शीर्ष 5 राज्यों में लाने की मुख्यमंत्री के मुहिम में कदम से कदम मिलकर चलना है.

सरस मेला में ग्रामीण महिला उद्यमी एवं शिल्पकारों के कुशल उद्यमी बनने की प्रेरणादायक कहानी प्रदर्शित हुई. जीविका दीदियों की सफलता की कहानी शोधार्थियों के लिए पाठ्यक्रम का हिस्सा भी बन रही है. मेला में आकर शोधार्थी और प्रबंधन की पढ़ाई कर रही छात्र- छात्राएं जीविका दीदियों से व्यवसाय में सफलता के गुर सीख रहे हैं.

बिहार में सरस मेला का आयोजन एवं इसके प्रति आगंतुकों का आकर्षण निरंतर बढ़ता जा रहा है. 24 दिनों में लगभग 28 करोड़ 52 लाख रुपये से अधिक के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है. करीब 18 लाख लोग आये.12 दिसंबर से आयोजित बिहार सरस मेला में बिहार के सभी 38 जिलों से लगभग 209 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियाँ सूक्ष्म उद्यमी के तौर पर उपस्थित हुईं. बिहार समेत 25 राज्यों की सहभागिता रही. विभिन्न विभागों, संस्थानों एवं बैंको के 50 स्टॉल से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई.

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